गजरौला (अमरोहा)। खादर के गांव चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर के पार बसे 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए दुश्वारियां शुरू हो गईं हैं। मानसून आने और गंगा के उफनाने के बाद सिंचाई विभाग ने रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल हटवा लिया है। इसी के साथ अब से वहां के ग्रामीण उस पार जाने के लिए छह माह तक जान जोखिम में डालकर नाव का उपयोग किया करेंगे।
रविवार की देर शाम तक सिंचाई विभाग के जेई वीर सिंह के निर्देशन में श्रमिक चकनवाला में गुजर रही रामगंगा पोषक नहर पर रखे पैंटून पुल को खोलकर वहां से हटाने के काम में लगे रहे। पैंटून पुल को नहर में साइड पर रखवाकर बांध दिया गया है ताकि वह तेज बहाव में बह न सके। जेई वीर सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से नहर का पानी काफी बढ़ा हुआ है।
रविवार की सुबह पानी पुल के ऊपर से गुजर रहा था। इतना ही नहीं बिजनौर से डिस्चार्ज साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी भी रात में किसी समय आ सकता है। ऐसे में पुल के डूबने की आशंका के पहले ही उसे वहां से हटा दिया गया है। बता दें कि मंडी धनौरा तहसील और गजरौला थाना क्षेत्र के गांव चकनवाला में चकनवाला-शीशोवाली के बीच बह रही रामगंगा पोषक नहर पर रखा पैंटून पुल ही उस पार बसे 20 से अधिक गांवों को जोड़ने का एकमात्र साधन है। हर वर्ष बरसात का सीजन शुरू होते ही इसे हटा दिया जाता है। इसके बाद शीशोवाली, ढाकोवाली, मंदिर वाली, बुड्ढी वाली, जाटोवाली, विसावली, मीरापुर, टीकोवाली, सुल्तानपुर, रम्पुरा, घेरोवाली, लंगड़ेवाली, देवीवाली समेत बीस से अधिक गांवों का संपर्क गजरौला से कट जाता है। इन गांवों में आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।