गजरौला। चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगा जर्जर हो चुका पैंटून पुल आखिरकार सिंचाई विभाग ने हटा (खुलवा) ही लिया। अब गंगा और रामगंगा पोषक नहर के पार स्थित बीस गांवों के दस हजार से अधिक ग्रामीण चार माह से अधिक समय तक जान जोखिम में डालकर नाव और डोंगी (छोटी नाव) के सहारे ही सफर तय करेंगे।
रविवार की सुबह सिंचाई विभाग कानपुर के निर्देश पर बाढ़ खंड सिंचाई विभाग (मुरादाबाद) के जेई वीर सिंह की मौजूदगी में श्रमिकों की टीम गांव चकनवाला में गुजर रही रामगंगा पोषक नहर पर लगे पैंटून पुल को हटाने पहुंची। दस से अधिक श्रमिक जर्जर हो चुके पुल पर रखी बल्लियां हटाने में लगे हुए थे। वहीं कई श्रमिक पुल पर जमा मिट्टी को फावड़े से खोदकर गंगा में डाल रहे थे। वहीं इस पुल के हट जाने के बाद गंगा और रामगंगा के पार स्थित गांव शीशोवाली, दारानगर, टीकोवाली, मंदिर वाली भुड्डी, पछैल भुड्डी, जाटोवाली,ढाकोवाली,सुल्तानपुर,रमपुरा, दियावली, घेर, लंगड़ेवाली, विसावली, मन्नेवाली, कुएंवाली,मीरापुर, पीपलवाली समेत बीस गांवों का सीधा संपर्क चकनवाला में सड़क मार्ग से कट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें जान जोखिम में डालकर नाव आदि में बैठकर ही सफर तय करना पड़ेगा।
शुरू हुआ दुश्वारियों भरा सफर, बाढ़ भी मचाएगी कहर
गांवों में कोई हादसा होने पर तत्काल नहीं पहुंच सकेगी मदद, मंडी धनौरा से शेरपुर होते हुए पहुंच सकेंगे यहां
संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला। खादर में गंगा और रामगंगा पोषक नहर के पार स्थित बीस गांवों के बाशिंदों के लिए अब दुश्वारियों से भरा सफर शुरू हो गया है। आने वाले चार माह उनके लिए किसी जोखिम से कम नहीं हैं। कारण, बाढ़ का पानी न केवल खेतों बल्कि आबादी के बीच घुसकर कहर बरपाएगा और बेचारे ग्रामीणों को सिवाय परेशानी के कोई मदद मुहैया नहीं हो पाएगी।
गांव जाटोवाली निवासी धर्मपाल, शीशपाल और खूब सिंह ने बताया कि चकनवाला में रखे पैंटून पुल से उन्हें काफी सहारा था। रात-बेरात कभी भी किसी भी समय गांवों से चकनवाला होते हुए गजरौला आ जाया करते थे लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है। अब तो शीशोवाली से शेरपुर होते हुए मंडी धनौरा और फिर वहां से गजरौला पहुंचा जा सकेगा। लगभग 30-35 किलोमीटर का यह सफर काफी कष्टप्रद साबित होता है। मसलन यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो उसे तत्काल उपचार दिला पाना संभव नहीं होगा। यदि किसी गर्भवती की प्रसव पीड़ा बढ़ जाए तो सीएचसी पहुंचने तक उसका जीवित रह पाना संभव नहीं होता है। गांव शीशोवाली के नेहित, भागवती, सरोज, रोशनी, जसवीर, टीकोवाली की जयवंती, राधा, दियावली के अलीशेर, मोहकम, रज्जो का कहना था कि चार माह का यह समय बेहद नारकीय साबित होने वाला है। गांवों में मूलभूत सुविधाएं तो पहले से ही नहीं हैं अब सड़क मार्ग से संपर्क और कट गया है। यदि गांव में कोई हादसा हो गया तो बड़ी जनहानि से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल हटा लिया गया है। अब यहां पर माह नवंबर के अंत तक ही नया पुल तैयार करके रखवाया जाएगा। ग्रामीणों से अनुरोध है कि आने वाले दिनों में गंगा उफान पर होगी। इसलिए सावधानीपूर्वक सफर तय करें।
वीर सिंह, जेई सिंचाई विभाग बाढ़ खंड (मुरादाबाद)