क्षेत्र के पूर्व दिशा में स्थित एक दर्जन गांवों में तेंदुए की दहशत है। ग्रामीणों ने तेंदुए के खौफ की वजह से खेतों पर अकेले जाना छोड़ दिया है। टोनिया माफी गांव में आठ साल के राज पर तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीण भयभीत हैं। वहीं वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए टोनिया माफी गांव में पिंजरा लगा दिया है। सोमवार की सुबह भी ग्रामीणों ने चामुंडा मठ के पास तेंदुए व उसके दो शावकों को देखे जाने का दावा किया है।
गौरतलब है कि रविवार की रात तेंदुए ने ग्राम टोनिया माफी में गांव निवासी मूलचंद के आठ वर्षीय नाती राज की पीठ व सीने पर अपने पंजे से वार कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। तेंदुआ राज को खेत में खींच कर ले जाना चाहता था। लेकिन लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ खेत में छिप गया। शनिवार को मलेशिया गांव में तेंदुए ने चरन सिंह के बछड़े को अपना निवाला बना लिया था। इससे दो दिन पहले मुसल्लेपुर गांव में एक बंदर को अपना निवाला बनाने का प्रयास किया था। तेंदुए को लेकर ग्राम मलेशिया, बाखरपुर, छज्जुपुरा, चौखट, टोनिया माफी, हैबतपुर, मुसल्लेपुर, कमालपुर, मिलक, ककराला, सैदपुर आदि गांवों में दहशत है। लोगों ने अकेले में खेेतों पर जाना छोड़ दिया है। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि टोनिया माफी गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है।