बुधवार को विकास भवन के सभागार में सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने दो पालियों में सभी ब्लॉक के सचिवों की बैठक ली। इस दौरान पंचायतों में होने वाले कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मनरेगा की पत्रावलियों का रखरखाव व निगरानी की जिम्मेदारी सचिवों की है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर ग्राम प्रधान व सचिवों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई जाएगी। वहीं, मनरेगा के प्रति अधिकारियों की सख्ती के कारण पंचायतों में मनरेगा के काम बंद हो गए हैं। जिस पर सीडीओ ने पारदर्शिता के साथ पंचायतों में मनरेगा के कार्य कराए जाने पर जोर दिया।
सीडीओ ने सभी पंचायतों का अनिवार्य रूप से जीएसटी में पंजीकरण कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतें वेंडरों को जीएसटी, टीडीएस व इनकम टैक्स काट कर ही भुगतान करें। नए वित्तीय वर्ष में ऐसी पंचायतें जिनका जीएसटी में पंजीकरण नहीं है, वह भी अपना पंजीकरण करा लें। बैठक के दौरान परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह, डीडीओ सरिता द्विवेदी, डीपीआरओ पारुल सिसोदिया व एएओ भी शामिल रहे।