गजरौला। महिला को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नाम पर सिर ढकने के लिए छत मुहैया कराने के नाम पर मांगे गए 18 हजार रुपयों में तीन हजार वापस कर दिए गए हैं। यह रकम पालिका कर्मी ने कार्रवाई के डर से लौटाई है, जबकि 15 हजार रुपये भी जल्द वापस कराने की हामी भरी है।
लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी हाजरा को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान मुहैया कराया गया। योजना के तहत चौथी किस्त नहीं आने के कारण उसके मकान का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। उसने मंगलवार को नगर पालिका पहुंच कर ईओ विजेंद्र सिंह पाल से इसकी शिकायत की। वह पालिका के कर्मचारियों के चक्कर लगाकर थक चुकी है। इस दौरान उसने पालिका के एक कर्मचारी और डूडा के जेई सहित चार पर 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया था। कहा था कि पात्रता सूची में नाम के लिए उसने तीन हजार रुपये की रिश्वत दी। पहली किस्त तब मिली, जब उसने पांच हजार रुपये बतौर रिश्वत दिए। तीसरी किस्त के लिए भी दस हजार रुपये देने पड़े। कहा था कहीं रिश्वत नहीं देने के कारण ही तो चौथी किस्त नहीं आ रही है। जिसके चलते उसके मकान का निर्माण अधूरा है।
महिला के आरोप लगाने पर ईओ भी अवाक रह गए थे। उन्होंने पालिका कर्मी और रिश्वत लेने में शामिल रहे आरोपियों को दो दिन में रुपये वापस नहीं करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। कार्रवाई के डर से पालिका कर्मी ने रिश्वत के रूप में हाजरा से लिए तीन हजार रुपये तो वापस कर दिए। बाकी भी जल्द वापस कराने की बात कही है। हाजरा का कहना है कि तीन हजार रुपये मिल गए हैं। बाकी भी जल्द दिए जाने का भरोसा दिया है।