पति का उत्पीड़न करने वाली बरेली में तैनात महिला कांस्टेबल अंशु चौधरी के खिलाफ कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है। साथ ही नौगांवा सादात पुलिस से सात दिन में कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
नौगांवा सादात क्षेत्र के रजाकपुर गांव निवासी विक्रम सिंह के बेटे कपिल कुमार की शादी 21 अप्रैल 2015 को महिला कांस्टेबल अंशु चौधरी के साथ हुई थी। वर्तमान में कांस्टेबल अंशु की तैनाती बरेली जनपद में है। आरोप है कि शादी के बाद से ही अंशु मुरादाबाद में रहने की जिद करने लगी। इस पर कपिल ने मुरादाबाद में प्लॉट खरीदा था, जिसका बैनामा कांस्टेबल पत्नी अंशु ने अपने नाम करा लिया था। अंशु के पास दो बेटियां हैं। आरोप है कि मुरादाबाद में मकान तैयार होने के बाद कांस्टेबल अंशु का रवैया बदल गया।
आरोप है कि उसने पति कपिल को घर से निकाल दिया। तभी से कपिल गांव में माता-पिता के साथ रहता है। अब कांस्टेबल अंशु गांव की संपत्ति को बेचने का दबाव बनाती है। कपिल ने संपत्ति बेचने से इन्कार कर दिया तो कांस्टेबल अंशु ने देवर के खिलाफ दुष्कर्म और सास व ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। वह पुलिस विभाग में होने का रौब दिखाती है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी मारपीट की घटना
आरोप है कि पांच दिसंबर 2024 के दोपहर कांस्टेबल अंशु ने पति कपिल कुमार के साथ मारपीट की। जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया, जिसमें कपिल कुमार घायल हो गए थे। घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पीड़ित कपिल ने नौगांवा सादात थाने में तहरीर देकर कांस्टेबल पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा, कपिल ने कोट4 की शरण ली। वकील नवनीत गोला ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. लकी ने नौगांवा पुलिस को कांस्टेबल अंशु के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सात दिन में कार्रवाई रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा है।