मंडी धनौरा क्षेत्र के ढ्योटी गांव निवासी इंतजार किसान है। 20 अगस्त 2024 को इंतजार ट्रैक्टर में गांव के ही किसान प्रमोद कुमार, रुस्तम, गुड्डू, असलम का गेहूं लेकर गजरौला अनाज मंडी में बेचने जा रहे थे। ट्रॉली में सभी किसानों के करीब 224 कट्टे यानी 138.35 क्विंटल गेहूं भरा था। ट्रैक्टर राजेंद्र चला रहा था। प्रमोद कुमार, रुस्तम, गुड्डू, असलम भी बैठे थे। ट्रैक्टर फतेहपुर सुमाली के पास पहुंचा, तो मंडी धनौरा के तत्कालीन एसडीएम ने रोक लिया। आरोप है कि किसानों के सरकारी गेहूं होने से मना करने के बावजूद भी एसडीएम ने ट्रैक्टर ट्राली को बछरायूं थाने भेज दिया। किसानों ने धर्म कांटे की रसीद भी दिखाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिकारियों को जमीन की खतौनी भी दिखाईं, लेकिन वह नहीं माने।
पूर्ति निरीक्षक व एसडीएम धनौरा ने इंतजार व अन्य किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। लेकिन, मुकदमा दर्ज कराते समय पूर्ति निरीक्षक प्रीति शर्मा और सहायक पूर्ति निरीक्षक मोहित कुमार ने खेल कर दिया। उन्होंने मौके से बरामद हुए 138.35 क्विंटल गेहूं के स्थान पर 112 क्विंटल गेहूं ट्रैक्टर-ट्राॅली में दिखाकर मुकदमा दर्ज कराया और करीब 27 क्विंटल गेहूं का गबन कर लिया। 15 जनवरी को अपराध न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट अदालत ने इंतजार अहमद, प्रमोद कुमार, रुस्तम, गुड्डू और असलम के पक्ष में गेहूं को अवमुक्त कर दिया।
किसान बोले- झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी
आरोप है कि किसानों ने अधिकारियों से 27 क्विंटल गेहूं गायब करने के बारे में पूछा तो उन्होंने झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी। आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक प्रीति शर्मा और सहायक पूर्ति निरीक्षक मोहित ने धर्मकांटे की पांच पर्चियों के स्थान पर चार दर्शाकर 27 क्विंटल गेहूं का गबन किया था। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो इंतजार अहमद कोर्ट की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने बछरायूं थाना पुलिस को पूर्ति निरीक्षक प्रीति शर्मा और वर्तमान सहायक पूर्ति निरीक्षक मोहित कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट कोर्ट में तलब की है।