अमरोहा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिव स्वरूप टंडन के साथ थाने में अभद्रता व उनके बेटे विशाल टंडन से मारपीट करने के मामले में कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. लकी सिंह ने तत्कालीन एसपी उदय प्रताप और तत्कालीन नगर कोतवाल सुधीर तोमर की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। एसपी अमित कुमार आनंद को पत्र भेजकर कोर्ट की अवमानना करने वाले दोनों पुलिस अफसरों को 19 अगस्त को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है। विभाग की माने तो एसपी उदय प्रताप व इंस्पेक्टर सुधीर तोमर सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
यह पूरा मामला अमरोहा देहात थाने से जुड़ा है। 12 अगस्त 2011 को मोहल्ला सुबोध नगर निवासी एक महिला की शिकायत पर अमरोहा देहात पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिव स्वरूप टंडन के बेटे विशाल टंडन को हिरासत में लिया था जबकि इससे पहले दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। हिरासत में लेकर पुलिस ने विशाल को हवालात में बैठा दिया था।
आरोप है कि तत्कालीन एसपी उदय प्रताप व नगर इंस्पेक्टर सुधीर तोमर उस रात देहात थाने पहुंचे थे और दोनों ने विशाल को हवालात से बाहर निकालकर उनके साथ मारपीट की थी। इतना ही नहीं विशाल को छोड़ने के बदले तीन लाख रुपये भी लिए थे। साथ ही सोने की चेन छीन ली थी। आरोप है कि बेटे की पैरवी के लिए थाने पहुंचे पूर्व जिपं अध्यक्ष शिव स्वरूप टंडन के साथ अभद्रता की गई थी।
मामले में विशाल टंडन ने 2011 में ही अदालत में परिवाद दायर किया था। इसकी सुनवाई सीजेएम कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने दोनों अफसरों को कई बार नोटिस जारी कर अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। इसके बावजूद दोनों अधिकारी अपना पक्ष रखने नहीं पहुंचे थे। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों के गैरजमानती वारंट भी जारी किए थे लेकिन देहात थाना पुलिस ने वारंट तामील कराए या नहीं इसकी जानकारी भी कोर्ट को नहीं दी गई।
2013 में हो गई थी विशाल टंडन की मौत
2013 में विशाल टंडन की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद से उनके पिता शिव स्वरूप टंडन इस मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं। अब मंगलवार को इस मामले में सीजेएम डाॅ. लकी सिंह ने अदालत की अवमानना मानते हुए तत्कालीन एसपी और इंस्पेक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अधिवक्ता मतलूब सुब्हानी ने बताया कि इस संबंध में न्यायालय ने एसपी अमरोहा को पत्र भेज कर दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 19 अगस्त तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।