जंगल में शौच को जाते गांव अल्लीपुर भूड़ शर्की उर्फ ढक्का मोड़ के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हसनपुर ब्लाक के अल्लीपुर भूड़ शर्की उर्फ ढक्का मोड़ को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित कर दिया गया। लेकिन इस कागजी ओडीएफ की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सुबह हो या शाम गांव के अधिकांश लोग जंगल झाड़ियों के किनारे ही खुले में शौच करने को मजबूर हैं। 90 शौचालय बनाकर करीब दो महीने पहले गांव को ओडीएफ घोषित कर अधिकारियों ने अपनी पीठ थपथपा ली। जबकि गांव में 250 शौचालय की जरूरत थी।
बिजनौर से बदायूं को जाने वाले स्टेट हाईवे-53 के गजरौला-संभल मार्ग पर अल्लीपुर ग्राम भूड़ शर्की उर्फ ढक्का मोड़ बसा है। इस गांव की आबादी 3200 से अधिक है। यहां तकरीबन 1350 मतदाता है। करीब दो महीने पहले कुछ अधिकारियों ने वाहवाही लूटने के चक्कर में प्रधान को बहकाकर गांव को ओडीएफ घोषित करा दिया। जबकि अभी भी आधे से अधिक घरों में शौचालय नहीं बने हैं। सिर्फ 90 शौचालय बनवाए गए। अभी भी गांव में करीब 160 शौचलय बनने हैं। ऐसे में गांव के अधिकांश पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुबह शाम लोटा लेकर जंगल में शौच करने को मजबूर हैं। वहीं, कागजी ओडीएफ से स्वच्छ भारत मिशन को झटका लग रहा है।
गांव के ही साजिद अली का कहना है कि यह गांव पहली बार ग्राम पंचायत बनी है। यहां सबसे अधिक विकास की जरूरत है। लेकिन अधिकारियों ने गांव को ओडीएफ घोषित कराकर विकास कार्य रुकवा दिए।
बता दें कि इससे पहले अमरोहा में नगर निगम को ओडीएफ घोषित किए जाने के बाद अमर उजाला की पड़ताल में सच सामने आया था। जिसके बाद से प्रशासन हरकत में आया और सभी जगह हकीकत को जांचा जा रहा है।