अमरोहा। निकाय चुनाव में सपा-रालोद की रार पर जयंत चौधरी ने कहा कि सपा के साथ गठबंधन केवल अमरोहा में नहीं हुआ। पूरी प्रदेश में दो या तीन सीटों पर ही तालमेल बन पाया। अखिलेश का बयान था कि इस तरह के चुनावों में गठबंधन नहीं हैं। लोकसभा में स्थिति अच्छी रहेगी। गठबंधन से चुनाव लड़ेंगे।
वह बुधवार को कैलबकरी गांव में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है। पुलवामा ऐसी घटना हुई जिसने लोगों के मन को बदल दिया है। देखना ये है कि अब से लोकसभा चुनाव तक क्या स्थितियां रहती हैं। लोकसभा में गठबंधन तो रहेगा ही। कहा कि यूपी में इतनी सीटों हैं जिस पर पूरे देश की निगाह रहती है। पूरे देश में कई राज्य हैं जहां मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी रहता है या कुछ क्षेत्रीय दलों की भूमिका है। अमरोहा लोकसभा सीट से रालोद प्रत्याशी उतारने के सवाल पर कहा कि ये हमारी मजबूूत सीट हैं। विधानसभा चुनाव में नौगांवा सादात के लोगों ने माना और प्रत्याशी को जीताकर भेजा। इस सीट को हम भी मांग रहे थे लेकिन ये किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई। हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना। हमारी कोशिश रहेगी कि लोकदल और मजबूत हो। गठबंधन के साथ भी और बिना गठबंधन के भी। निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी के जनाधार को लेकर जयंत चौधरी ने कहा कि जमीन पर हमारी तैयारी भी नहीं थी। आम आदमी पार्टी का रिजल्ट कर्नाटक में देखो क्या रहा है। उन्होंने दिल्ली में अच्छा काम किया है। दिल्ली की जनता का विश्वास उनके साथ है। पंजाब में उनके सामने कुछ समस्याएं हैं। निकाय में जो लोग आम आदमी पार्टी से जीते हैं वह आम आदमी पार्टी के नहीं हैं। हो सकता है कि उनकी सदस्यता की रशीद भी न कटी हो। हमारे लोग भी उन्हें लड़ा रहे थे। वह उस पार्टी के नहीं हैं। निकाय चुनाव में भाजपा के मुस्लिम कार्ड पर उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है। उन्हें लड़ाना चाहिए। आप एक समाज को कैसे नकार सकते हैं। इस देश में उनकी भागेदारी है। उनका हक बनता है। जिस समाज में जिसकी जितनी गिनती है उतनी राजनीतिक पार्टियों में भागेदारी मिलनी चाहिए। संगठन में भी जोड़ना चाहिए और प्रत्याशी भी बनाना चाहिए।