अमरोहा। जोया ब्लॉक के पलौला गांव में मनरेगा फर्जीवाड़े की जांच पूरी होने के बाद 18 लोगों द्वारा ली गई 8.68 लाख रुपये की मनरेगा मजदूरी की रिकवरी के बाद पंचायत के सभी खातों को सीज कर दिया गया है। इसके साथ ही पंचायत अधिनियम की धारा के तहत प्रधान गुले आयशा को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। नोटिस के जवाब आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
पलौला में शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं। हाल ही में गांव में मनरेगा के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। उनके परिवार के 8 लोगों समेत कुल 18 लोगों ने 6.68 लाख रुपये की मनरेगा मजदूरी अपने खातों में पाई थी।
मामले की जांच डीएम निधि गुप्ता वत्स द्वारा डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने चार सचिवों समेत एक बीडीओ व कई संविदा कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद तीन सचिवों समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया व एक बीडीओ व लेखाकार पर कार्रवाई को विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। डीएम के निर्देश के बाद ग्राम प्रधान गुले आयशा ने रिकवरी के 6.68 लाख रुपये भी जमा करा दिए। इसके बाद पंचायत के खातों को भी सीज कर दिया गया। वहीं अब प्रधान को पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद