अमरोहा। एमएलसी के निधि से शहर के कांठ रोड पर बनाए गए नाले की जांच में प्रथम दृष्टया नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम ने कार्यदायी संस्था यूपीएससीएण्डआईडीसीएल के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया है। बगैर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के निर्माण समेत अन्य बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इसके चलते हड़कंप मचा है। दरअसल नाले के दोनों सिरे बंद हैं। इसके चलते नाले के औचित्य पर सवाल उठने लगे हैं।
अमर उजाला ने तीन जनवरी के अंक में नाला निर्माण के मामले को प्रमुखता से उठाया है। यह नाला एमएलसी परवेज अली की निधि से कांठ रोड पर 17.83 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने नगर पालिका से अनापत्ति प्रमाण पत्र तलब किया लेकिन नगर पालिका ने अनापत्ति प्रमाण पत्र के बजाए गोल मोल जवाब भेजा। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) से यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएससीएण्डआईडीसीएल) को कार्य आवंटित किया है। कार्यदायी संस्था ने नाले पर आरसीसी से ढलाई कराई है। इसके अलावा दोनों सिरे बंद हैं। कमिश्नर मुरादाबाद ने मामले की जांच कर जवाब मांगा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम शशांक चौधरी ने नाला निर्माण के बारे में जांच कराई। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाला निर्माण में अनियमितता बताई है। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद की कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया है।