जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना भारी पड़ रहा है। लगभग डेढ़ माह का समय बीतने के बाद भी करीब 28 फीसदी गेहूं की ही खरीद हो सकी है। जबकि, जिले में व्यापारी गेहूं की खरीद कर दूसरे जनपदों व मिलों में पहुंचा रहे है, लेकिन सरकारी तंत्र इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
अमरोहा मंडी से केवल 1429 क्विंटल गेहूं की मंडी रसीद व गेट पास काटा गया। जबकि, रोजाना बड़ी तादाद में यहां से व्यापारी गेहूं का भंडारण करते हुए दूसरे जनपदों को गेहूं भेज रहे हैं। डीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए मंडी सचिव को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
17 मार्च से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। इसके लिए जिले में 38 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। जिले में 19 हजार टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन, जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण लक्ष्य को पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। जिले में अभी तक सिर्फ 28 फीसदी गेहूं की खरीद ही हो सकी है। जबकि, लगभग 95 फीसदी किसानों ने गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग का काम भी पूरा कर लिया है।
गेहूं खरीद की समीक्षा बैठक में डीएम निधि गुप्ता वत्स इसको लेकर नाराजगी भी जाहिर कर चुकी हैं। अब डीएम ने खरीद में लापरवाही पर अमरोहा के मंडी सचिव को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा है कि एक अप्रैल से दो मई के बीच मंडी सचिव द्वारा केवल 1429 क्विंटल गेहूं की 6-आर व 9-आर तथा गेट पास काटे गए हैं। जबकि, जिले से रोजाना 20 या उससे अधिक ट्रक दूसरे जनपदों को बिना 6-आर काटे दूसरे प्रदेशों को भेजा जा रहा है।