अमरोहा। गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर चीनी मिल उदासीन हैं। जिले के किसानों का 293 करोड़ रुपये मिलों पर बकाया है। हालांकि यह भुगतान पिछले वर्ष के अनुसार हो रहा है। गन्ने की कीमत बढ़ती है तो बकाया की रकम और अधिक हो सकती है। उप गन्ना आयुक्त ने भुगतान की प्रगति खराब मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने चीनी मिलों के अध्याशियों को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही भुगतान की प्रगति में सुधार नहीं आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले में 94,952 हेक्टेयर में गन्ने की बुवाई हुई है। गन्ने को 11 चीनी मिलें खरीदती हैं, जिसमें तीन चीनी मिलें जिले में हैं। तौल केंद्रों से गन्ने की सप्लाई संबंधित चीनी मिलों को होती है। प्रदेश सरकार ने गन्ना खरीदारी में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब तक 294 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदारी हो गई है, जबकि भुगतान में चीनी मिलें आनाकानी कर रही हैं। भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न संगठन समेत अन्य किसान गन्ने की कीमत 450 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन चीनी मिलें वर्ष 2019-20 के दर के अनुसार भुगतान कर रही हैं। हालांकि भुगतान के लिए 14 दिन की बाध्यता होती है, लेकिन चीनी मिल प्रबंधन 14 दिन के भुगतान में भी फिसड्डी साबित हो रही हैं। राज्य समर्थित मूल्य एसएपी के अनुसार गन्ने की कीमत 819.29 करोड़ बताई जा रही है जबकि भुगतान 526.12 करोड़ हुई है। उप गन्ना आयुक्त अमर सिंह ने गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की, जिसमें चीनी मिलों के भुगतान की प्रगति बेहद खराब मिली। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को भुगतान में सुधार के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा चीनी मिलों के अध्याशियों को नोटिस जारी किया। दोबारा समीक्षा में प्रगति में सुधार नहीं आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।