हसनपुर ब्लाॅक क्षेत्र के गांव औसामाफी के प्रधान लाखन सिंह पर बेटे के नाम पर बिना काम किए फर्जी तरीके से सरकारी राशि 2,60,450 रुपये व इंटरलाकिंग काम कराए बिना 1,71,819 रुपये राशि आहरण करने का आरोप लगा। इसकी जांच कराई गई तो आरोप सही पाए गए। उधर, धनौरा ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत अफजलपुर लूट के ग्रामीणों ने प्रधान देवानंद पर कार्यों में धांधली के आरोप लगाए थे।
मामले की जांच के लिए डीएम ने कमेटी गठित की थी। कमेटी की जांच में इंटरलाकिंग और नाली निर्माण के कार्य को कार्ययोजना के अनुरूप नहीं पाए गए थे। इंटरलाकिंग कार्य को सीसी में परिवर्तित करने की कोई भी स्वीकृति आदेश प्रधान ने उपलब्ध नहीं कराया। वहीं, सरकड़ी अजीज की प्रधान लता देवी पर भी कार्यों में गड़बड़ी के आरोप हैं।
इसके अलावा खेड़ा अपरौला पंचायत 13,202 रुपये के दुरुपयोग करने के मामले में ग्राम प्रधान कौसर जहां, ग्राम पंचायत बीलना की प्रधान तसलीमा ने 12098 रुपये की राशि का दुरुपयोग किया गया। बसेड़ा खुर्द पंचायत के प्रधान मोहित कुमार पर 7,63,304 रुपये का दुरुपयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। जांच कमेटी की आख्या रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सख्ती करनी शुरू कर दी है।
वहीं, ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किए हैं। प्रधानों को पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1) के प्रावधान के तहत कार्रवाई के लिए चेतावनी दी है। वहीं, एडीओ पंचायत के माध्यम से प्रधानों को नोटिस भिजवाया है। वहीं, चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।