अमरोहा। वााज्यिकर विभाग की ओर से जिले में 160 ईंट भट्टों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। खासतौर उन भट्टा भटटा संचालकों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिनका टैक्स 6 लाख से कम है। कोयला और लकड़ी के बिल भी मांगे जा रहे हैं।
भट्टों पर ईंटों की बिक्री के हिसाब से ही जीएसटी का निर्धारण किया जाएगा। इसमें बिक्री और जीएसटी भुगतान का मिलान किया जाएगा। जिले में करीब 160 ईंट भट्टा है। जिनके सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। इनमें से करीब पचास भट्टा संचालक ऐसे हैं जो 6 लाख से कम का टैक्स भरते है। इस बार प्रशासन ने भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। जिले में 95 ईंट भट्टा ऐसे हैं जिनके पास में प्रदूषण विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र है। वाणिज्यकर विभाग की जीएसटी भी कम मिल रही है।
अब भट्टों का सर्वे कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कोयला और लकड़ी के भी बिल मांगे जा रहे है। इन सबके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं बुधवार को तहसील प्रशासन ने भी अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टा को बंद कराया गया है।
एसडीएम विभा श्री वास्तव ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम ने कनपुर में एक ईंट भट्टा के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके पास में न तो एनओसी थी। जेसीबी से तुड़वाया गया और पानी डालकर बंद कराया गया है। इसको सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ईंट भट्टा संचालकों को नियमानुसार ही अपने भट्टे संचालित करने चाहिए। अगर कोई अवैध रूप से संचालित मिलेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद