हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में हुए नॉनवेज प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद से शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों का दाखिला कराने की जुगत में जुटे हैं। जोया के बीईओ ने एआरपी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। वह बच्चों के परिजनों से वार्ता कर जल्द स्कूल में उनको दाखिला दिलाने में भूमिका निभाएंगे।
बीती पांच सितंबर को हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज मिलने पर नाम काटने का मामला सामने आया था। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। छात्र की मां ने बेटे को बंधक बनाने और उसकी पिटाई करने का आरोप लगाया था। उस दौरान मामले ने जमकर तूल पकड़ा था। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य को छुट्टी पर भेज दिया था तो डीआईओएस स्तर से जांच कमेटी बनाई गई थी। बढ़ते प्रकरण के बीच प्रशासन की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और छात्र की परिजनों के बीच वार्ता हुई थी। जिसमे मां ने स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चों को वहां से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कराने की मांग उठाई।
प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने इस पर सहमति दे दी थी। लेकिन, चार माह बाद भी बच्चों को कहीं दाखिला नहीं दिलाया गया। ऐसे में बच्चे मां की ओर प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और जिला मजिस्ट्रेट को दो सप्ताह के भीतर बच्चों का दाखिला सीबीएसई से संबद्ध किसी दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए थे। जिस पर बीएसए ने बीईओ को जांच देते हुए बच्चों का प्रवेश दिलाने की जिम्मेदारी थी। अब मामले में बीईओ प्रकाश चंद ने एआरपी जहांगीर अहमद को महिला के तीनों बच्चों का उनके मनचाहे स्कूल प्रवेश कराने को प्रवेश कराने के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है।