अमरोहा। इंस्पायर अवार्ड में जिले के स्कूलों में नामांकन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है। हर स्कूल से पांच-पांच नामांकन का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लक्ष्य के अनुरूप नामांकन नहीं हो सके। नामांकन की संख्या बढ़ाने के लिए एक सितंबर को स्कूलों में अभियान चलाया जाएगा।
शिक्षा सत्र 2025-26 में इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत राजकीय और निजी माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। केंद्र सरकार ने इस बार योजना के पात्रता मानदंड में 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया था। योजना के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों समेत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थी नवाचार एवं विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। पूर्व में यह योजना कक्षा छह से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए ही थी।
इंस्पायर मानक योजना के तहत पंजीकृत विद्यालय पांच सर्वश्रेष्ठ छात्र-छात्राओं के विचारों को वेब पोर्टल पर ऑनलाइन कर नामांकन किया जाना है। योजना के तहत अमरोहा से 4725 नामांकन का लक्ष्य रखा गया था। हर स्कूल से पांच नामांकन कराए जाने थे। लेकिन नामांकन बढ़ाने में स्कूल रूचि नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि अभी तक कुल 202 नामांकन ही हो सके हैं।
नामांकन में जिला प्रदेश भर में अंतिम दस सूची में शामिल है। इसको लेकर डीआईओएस ने नाराजगी जाहिर करते हुए नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार ने बताया कि नामांकन का लक्ष्य पूरा करने के लिए एक सितंबर को सभी स्कूलों में अभियान चलाते हुए नामांकन दिवस मनाया जाएगा। जिसमें हर विद्यालय से पांच-पांच नामांकन कराए जाने अनिवार्य होंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि चयनित विचार एवं मॉडल को सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
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