अमरोहा। महीने भर पहले डिडौली क्षेत्र में लावारिस मिली कार की गुरुवार को फोरेंसिक लैब की टीम ने जांच की। लेकिन, टीम को कोई ठोस सबूत नहीं मिल सकी। बदमाशों ने मालिक की पहचान छिपाने के लिए कार की नंबर प्लेट और इंजन-चेसिस नंबर भी बदल दिए थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस कार सवार बदमाशों ने रजबपुर क्षेत्र में छात्र नेता के हत्यारोपी मोहित चौधरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं थीं।
मालूम रहे कि तीन दिसंबर की सुबह को डिडौली कोतवाली के इकौंदा चौकी क्षेत्र में सीमली गांव रोड पर खेत में एक लावारिस कार मिली थी। काफी मशक्कत के बाद भी पुलिस कार मालिका का सुराग नहीं लगा सकी थी। बताते हैं कि इस कार को डिडौली पुलिस ने लावारिश में दाखिल कर लिया था। लेकिन, इससे एक दिन पहले दो दिसंबर को शाम को बदमाशों ने रजबपुर थानाक्षेत्र के हसनपुर रोड पर भवालपुर गांव निवासी मोहित चौधरी पर हमला किया था। हमलावरों ने मोहित चौधरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं थीं। इसके बाद पुलिस का शक घटनाक्रम पर पहुंच गया। पुलिस ने कार मालिक तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत की। कार पर लगी नंबर प्लेट की पुलिस ने जांच की तो वह नंबर रूद्रपुर निवासी बीके उपाध्याय की कार का निकला। जबकि उनकी कार घर पर खड़ी हुई है। पुलिस को शक है कि हमलावरों ने मोहित चौधरी पर हमला करने में इसी कार का इस्तेमाल किया था।
इसी क्रम में गुरुवार को एके त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम डिडौली कोतवाली पहुंची। यहां कार को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। प्राथमिक जांच में टीम ने जो पाया वह चौंकाने वाला था। बताते हैं कि बदमाशों ने कार का नंबर बदलने के साथ उसका इंजन और चेसिस नंबर भी बदल दिया है। कार के इंजन और चेसिस पर दर्ज नंबर फर्जी निकला है। इससे पुलिस की जांच उलझ गई है। सीओ सिटी विजय कुमार राना ने बताया कि रजबपुर पुलिस फोरेंसिक लैब की टीम लेकर कोतवाली पहुंची थी। टीम ने जांच की है। जांच रिपोर्ट के बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी।