सोमवार को मुन्नी देवी अस्पताल में छत वाला पंखा बंद होने की वजह से हाथ के पंखे से हवा करते तीमारदार।
- फोटो : अमर उजाला
मुन्नी देवी राजकीय महिला चिकित्सालय पर तैनात स्टाफ प्रसव कराने के लिए आने वाली महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है। स्टाफ की लापरवाही के कारण अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। इसका खामियाजा महिलाओं, शिशुओं और तीमारदारों को उठाना पड़ रहा है। सोमवार को फिर अस्पताल के वार्ड में बिजली न होने की वजह से महिलाएं अपने नवजात के साथ घंटों तक पंखे से हवा झलती रहीं। लेकिन अस्पताल में जेनरेटर की सुविधा के बावजूद स्टाफ का दिल नहीं पसीजा।
सोमवार की दोपहर को शहर में कई घंटे बिजली गुल रही। अस्पताल पर महिलाएं और उनके नवजात गर्मी में परेशान रहे। जबकि तीमारदार उनकी हवा झलते रहे, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी मरीजों की सुविधा के लिए रखे जेनरेटर को चालू नहीं करवाया गया। मामले की तहकीकात करने जब अमर उजाला की टीम अस्पताल पहुंची तो जेनरेटर चालू करा दिया गया। जबकि टीम के जाने के बाद फिर से जेनरेटर को बंद कर दिया गया। इसके बाद मरीज फिर से गर्मी में तड़पते रहे।
प्रसव के बाद डॉक्टर ने नहीं ली सुध ःगर्मी में अपने नवजात को पंखा झल रही शहर के ही एक मोहल्ले की रहने वाली शकीना ने बताया कि शनिवार की देरशाम प्रसव कराया गया था। तब से अभी तक डॉक्टर ने वार्ड में आकर जच्चा-बच्चा की सुध नहीं ली है। शकीना के पति जियाउद्दीन के मुताबिक नवजात बच्चे को रविवार को बुखार था। डॉक्टर को इसकी सूचना दी तो पता चला के यहां तो बच्चों की दवाईयां ही नहीं हैं। मजबूरी में बाहर से दवाई खरीदकर लानी पड़ी।