अमरोहा। ट्रक चोरी होने के बाद भी बीमा कंपनी ने कारोबारी को क्लेम देने से इन्कार कर दिया। उपभोक्ता फोरम ने मामले को गंभीरता से लेकर बीमा कंपनी को 14.73 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिए हैं। बीमा कंपनी को यह धनराशि एक महीने के भीतर अदा करनी होगी।
रजबपुर थाना क्षेत्र के रामपुर घना में कारोबारी शमशाद अहमद का परिवार रहता है। 30 नवंबर 2018 की रात उनका ट्रक जोया स्थित एक पेट्रोल पंप के पास खड़ा था। तभी किसी ने उसे चोरी कर लिया। इस मामले में शमशाद अहमद ने अज्ञात के खिलाफ ट्रक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस ट्रक का बीमा भी था। चोरी का खुलासा नहीं करके पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। 20 फरवरी 2020 को न्यायालय ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।
इस मामले में शमशाद अहमद ने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया तो उन्होंने यह कहते हुए क्लेम देने से इन्कार कर दिया कि बीमा कंपनी को सूचना देने और प्राथमिकी दर्ज कराने में विलंब किया गया है। तमाम बीमा अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी शमशाद अहमद की समस्या का समाधान नहीं हुआ। लिहाजा उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली।
मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बीमा कंपनी का अधिकारियों को तलब कर लिया। इसके बाद दोनों पक्षों सुनने के बाद बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट कहा कि भले ही बीमा कंपनी को ट्रक चोरी की जानकारी नहीं दी थी, लेकिन पुलिस को दी थी।
बीमा कंपनी को विलंब से सूचना दिए जाने से उनके दावे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए पीड़ित की समस्या जायज है और बीमा कंपनी को क्लेम के 14,73,165 रुपये वाद दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने होंगे। साथ ही कारोबारी के आर्थिक मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार रुपये और वाद व्यय के खर्च के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।