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Amroha News: दो दिन में नौ लोगों को सांप ने डसा, एक मरीज को 30 इंजेक्शन लगाकर बचाई जान

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अमरोहा। दो दिन में सांप के डंक से नौ लोग अस्पताल पहुंचे। इनमें सलेमपुर निवासी मोहम्मद नूरउद्दीन (37) को सांप पकड़ते समय कोबरा ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने एंटी-वेनम के 30 इंजेक्शन देकर उसकी जान बचाई। उसे तीन दिन निगरानी में रखा जाएगा।
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शुक्रवार को खेत से सांप पकड़ते समय कोबरा ने नूरउद्दीन को डस लिया। परिजनों ने सांप को मारकर वीडियो बना लिया, जिससे उसकी पहचान कोबरा के रूप में हुई। अस्पताल पहुंचने पर उसकी हालत गंभीर थी। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. इकबाल ने बताया कि तत्काल एंटी-वेनम के 30 इंजेक्शन दिए गए, जिसके बाद हालत में सुधार है। चार अन्य लोगों को भी उपचार व इंजेक्शन दिए गए।
शनिवार को भी पांच लोग सांप के डसने के बाद अस्पताल पहुंचे। सभी की हालत ठीक है। सीएमएस डॉ. एके भंडारी ने बताया कि गर्मी में सांप बिलों से निकलकर खेतों में आ रहे हैं। सांप के काटने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक, ओझा, तांत्रिक, काला पत्थर या अप्रमाणित उपचार में समय न गंवाएं।
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सर्पदंश के संभावित लक्षण

काटे गए स्थान पर दर्द, सूजन या रक्तस्राव।
काटे गए स्थान के आसपास त्वचा का रंग बदलना या फफोले पड़ना।
पलकों का झुकना, धुंधला या दोहरा दिखाई देना।
बोलने या निगलने में कठिनाई।
चेहरे, जीभ या गले में कमजोरी।
अत्यधिक कमजोरी, चक्कर या बेहोशी।
सांस लेने में कठिनाई या सांस रुकने जैसी स्थिति।
मांसपेशियों में कमजोरी या लकवा।
असामान्य रक्तस्राव या खून जमने में समस्या।
उल्टी, पेट दर्द अथवा अन्य गंभीर लक्षण।
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सर्पदंश होने पर तुरंत क्या करें

व्यक्ति को शांत रखें और घबराने न दें। क्योंकि घबराने से दिल की धड़कन तेज होती है और शरीर में जहर तेजी से फैलता है।
प्रभावित व्यक्ति को जितनी जल्दी हो सके निकटतम अस्पताल ले जाएं।
काटे गए अंग की गतिविधि को कम करें और उसे स्थिर रखें।
यदि हाथ-पैर में अंगूठी, कड़ा, घड़ी, पायल या अन्य कसने वाली वस्तु हो तो सूजन बढ़ने से पहले उसे सावधानी से हटा दें।
व्यक्ति को अनावश्यक रूप से चलने न दें संभव हो तो वाहन या स्ट्रेचर की सहायता से ले जाएं।
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क्या बिल्कुल न करें
सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।

घाव पर चीरा न लगाएं और खून निकालने का प्रयास न करें।
मुंह से विष चूसने का प्रयास न करें।
रस्सी, कपड़ा, तार आदि से कसकर टूर्निकेट न बांधें।
बर्फ, बिजली, मिट्टी, राख, केमिकल या अन्य घरेलू पदार्थ न लगाएं।
- झाड़-फूंक, ओझा, तांत्रिक, काला पत्थर अथवा अप्रमाणित उपचार में समय न लगाएं।
- शराब या कोई नशीला पदार्थ न दें।
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