पिछले सात वर्षों में पांचवीं बार एनआईए की टीम ने अमरोहा में छापा मारा है। सात साल पहले भी एनआईए व एटीएस ने हरकत-उल-हरब-ए-इस्लाम मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। इस दौरान एनआईए ने अमरोहा के मोहल्ला मौलाना से मॉड्यूल के सरगना मुफ्ती सुहैल समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
26 दिसंबर 2018 को एनआईए और एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से अमरोहा के मोहल्ला मुल्लाना, पचदरा, इस्लामनगर व नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव सैदपुर इम्मा में छापा मारा था। करीब दस घंटे यह कार्रवाई चली थी। घरों के दरवाजे तोड़कर घुसी टीम ने मोहल्ला मुल्लाना से मुफ्ती सुहैल, मोहल्ला पचदरा से इरशाद, सैदपुर इम्मा निवासी सईद व रईस को हिरासत में लिया था। इनके पास से पिस्टल, तमंचे, कारतूस, बारह किलो संदिग्ध आरडीएक्स और एक संदिग्ध रॉकेट लॉन्चर बरामद हुआ था।
जांच में नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव बांसखेड़ी निवासी मौलाना गुफरान के सुहैल से संबंध होने की बात सामने आई थी। 20 अप्रैल 2019 को एनआईए ने गुफरान को भी गिरफ्तार कर तेरहवां आरोपी बनाया था। गिरफ्तारी के करीब छह महीने बाद एनआईए ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। चार्जशीट में हरकत-उल-हरब-ए-इस्लाम के सरगना मुफ्ती सुहैल समेत सईद और मौलाना गुफरान के नाम चार्जशीट में शामिल थे। इस दौरान एनआईए ने तीन बार जिले में छापा मारकर कार्रवाई की थी।
पंजाब के भाजपा नेता के घर पर ग्रेनेड हमले के मामले में पांचवीं बार एनआईए ने मारा छापा
इसके बाद अमरोहा नगर के कटरा बख्तावर के रहने वाले सैदुल अमीन का नाम जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड से हमला करने में उजागर होने के बाद अमरोहा सुर्खियों में आ गया। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियां और यूपी एटीएस सक्रिय हो गई थीं। पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि सैदुल के लिंक आतंकियों से जुड़े हैं। अब बृहस्पतिवार को फिर एनआईए ने पांचवीं बार अमरोहा जनपद में दस्तक दी और भाजपा नेता के घर ग्रेनेड फेंकने वाले सैदुल अमीन के दोस्त नवाब व सिहाली जागीर के रहने वाले अब्दुल हकीम और उनके परिजनों से पूछताछ की है। एक के बाद एक मामलों में अमरोहा के नाम आतंक कनेक्शन से जुड़ने के बाद हरकोई हैरत में है।
गजरौला के पिता-पुत्र से भी की पूछताछ
सिहाली जागीर और अमरोहा में छापा मारने के बाद टीम दिल्ली निकल रही थी। इसी बीच गजरौला पहुंचने के बाद उन्होंने गजरौला के रहने वाले पिता-पुत्र को फोन करके हाईवे पर बुलाया। टीम ने यहां उनसे कुछ देर तक बातचीत की और इसके बाद वापस भेज दिया।
देसी जड़ी बूटी की दुकान चलाते हैं अब्दुल हकीम, एक बेटा दिल्ली दूसरा संभल में रहता है
स्थानीय लोगों के मुताबिक सिहारी जागीर के रहने वाले अब्दुल हकीम देसी जड़ी बूटी की दुकान चलाते हैं, जबकि उनका बेटा अजीम और जुरखन दिल्ली में मजदूरी करते थे। फिलहाल अजीम संभल में एक सूफी के पास रहता है और जुरखन दिल्ली में मजदूरी करता है। वहीं, अमरोहा के मोहल्ला कटरा बख्ताबर निवासी नवाब रोजमर्रा की मजदूरी करता है।
जलांधर पुलिस ने सैदुल और नवाब का कराया था सामना
सैदुल की गिरफ्तारी के बाद से एनआईए, जालंधर पुलिस व एटीएस की निगाहें अमरोहा पर थीं। जालंधर पुलिस सैदुल की मां के बैंक खाते में हुए लेनदेन चेक कर चुकी थी। 22 अप्रैल की सुबह जालंधर पुलिस सैदुल के घर से सौ मीटर दूर रहने वाले नवाब को हिरासत में लेकर गई थी। नवाब से पूछताछ कर भाजपा नेता के घर हुए हमले में उसकी भूमिका की जांच की थी। जालंधर पुलिस ने नवाब के परिजनों को भी अपने दफ्तर बुलाया था। जालंधर पुलिस की रिमांड पर चल रहे सैदुल से नवाब का सामना कराया था। इसके अलावा दोनों से अलग-अलग पूछताछ भी की थी। चर्चा थी कि इस दौरान सैदुल ने नवाब को पहचानने से इन्कार कर दिया था। जलांधर पुलिस को बातचीत में कोई ऐसा क्लू नहीं मिला था, जिससे हमले के दौरान नवाब के शामिल होने का सबूत बन सके। 24 अप्रैल को जालंधर पुलिस ने नवाब को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।