उत्तराखंड के चंपावत जिले के सिलेन टाक निवासी गायक पवनदीप राजन पांच मई की रात साथी अजय मेहरा के साथ घर से कार से दिल्ली जा रहे थे। उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होने हैदराबाद पहुंचना था। कार चालक राहुल सिंह चला रहा था। रात करीब ढाई बजे उनकी कार गजरौला क्षेत्र में चौपला चौराहा ओवरब्रिज से नीचे उतरी तो हाईवे किनारे सीओ ऑफिस के सामने खड़े कैंटर में घुस गई थी। हादसा चालक राहुल को झपकी आने के कारण हुआ था।
हादसे में पवनदीप, उनके साथी अजय व चालक राहुल घायल हो गए थे। गजरौला पुलिस ने निजी एंबुलेंस से तीनों घायलों को डिडौली में हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया था। गायक पवनदीप के हादसे में घायल होने का मामला पिछले दिन हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठा था। सामने आया था कि हादसे के बाद 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची थी और एनएचएआई टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 से भी कोई मदद नहीं मिली था।
इसके बाद डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सड़क दुर्घटना के बाद 1033 और 108 एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण की जांच के लिए जांच के निर्देश दिए थे। डिप्टी कलेक्टर मसीहा नजम की अध्यक्षता में पांच सदस्य टीम गठित कर टीम को 15 दिन में एंबुलेंस की अनुपलब्धता की तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच कमेटी ने एनएचएआई और अमरोहा सीएमओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। डिप्टी कलेक्टर मसीहा नजम ने बताया कि एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सीएमओ की रिपोर्ट आना बाकी है। सीएमओ की रिपोर्ट आने के बाद दोनों विभाग की रिपोर्टों को अवलोकन किया जाएगा।