दिल्ली-लखनऊ हाईवे सिक्स लेन होने के बाद से ही सीसीटीवी हाईस्पीड कैमरे लगाने की कवायद चल रही है। लेकिन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इसके प्रति गंभीर नहीं है।
हर बार जिला सुरक्षा समिति की बैठक में मुद्दा उठता है, लेकिन कैमरे नहीं लगाए गए। अब लोक निर्माण विभाग ने एनएचएआई निदेशक मुरादाबाद को पत्र लिखकर कैमरे लगाने की मांग की है। इन कैमरों के लगने के बाद तेज रफ्तार वाहनों के चालान कट सकेंगे। चालकों को वाहनों की गति पर नियंत्रण रखना होगा। धीमी रफ्तार से वाहन चलेंगे तो हादसों पर भी रोक लगेगी।
अमरोहा जिले में ब्रजघाट से पाकबड़ा तक 62 किलोमीटर लंबा हाईवे है। करीब 2018 में शुरू हुए सिक्स लेन का काम 2021 तक पूरा हो गया था। तभी से हाईवे पर जगह-जगह सीसीटीवी हाई स्पीड कैमरे लगाने की कवायद चल रही है। यह सीसीटीवी कैमरे ब्रजघाट पुलिस चौकी के सामने, जोया टोल प्लाजा के पास और पाकबड़ा-अमरोहा के बॉर्डर पर स्थित जिवाई चौकी के सामने लगने हैं।
हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले वाहनों के यह कैमरे चालान काटेंगे। कोई भी 80 की स्पीड से ज्यादा तेज नहीं दौड़ सकेगा। अगर ऐसा हुआ तो हाईवे पर हादसों पर लगाम लगेगी। बड़ी बात यह है कि कैमरे लगाने को लेकर वर्षों से पत्राचार किए जा रहे हैं। हर महीने डीएम की अध्यक्षता में होने वाली जिला सुरक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा उठता रहा है। इस बार डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सख्ती दिखाई तो लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मुरादाबाद को पत्र लिखकर सीसीटीवी हाई स्पीड कैमरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मुरादाबाद को पत्र लिखकर हाईवे पर सीसीटीवी हाई स्पीड कैमरा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। पिछले एक साल से इस संबंध में प्रगति शून्य रही है।
- इंजीनियर गिरीश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग