सैदनगली। नवजात व प्रसूता की मौत के 17 दिन बाद परिजनों ने निजी अस्पताल के संचालक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। डीएम से भी शिकायत की गई है।
नगर पंचायत के मोहल्ला मेहंदीपुर निवासी प्रशांत ने बताया कि उनकी रिश्तेदार संभल के मांडली निवासी रुक्मणी सात माह की गर्भवती थी। बीते एक महीने से उसका इलाज सैदनगली में स्थित एक निजी चिकित्सक से चल रहा था। 17 अक्टूबर को दवा खाने पर रुक्मणी को पेट दर्द हुआ था। जब वह उसे सैदनगली के हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, तो डॉक्टर ने भर्ती करने से इनकार कर दिया और डांटकर भगा दिया था। इसके बाद हसनपुर के निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां जांच के दौरान बताया गया कि पेट में बच्चा मर चुका है।
इसके बाद 19 अक्टूबर को मेरठ में महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराई गई, जहां मृत बच्चा हुआ। उसके कुछ घंटे बाद ही रुक्मणी की भी मौत हो गई। प्रशांत ने सैदनगली के अस्पताल संचालक व चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। शुक्रवार को परिजनों ने थाने में तहरीर दी और डीएम से भी शिकायत कर मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं सीएचसी हसनपुर के प्रभारी डा.ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।