सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक की कुर्सी पर फिर विवाद हो गया है। तीसरी बार चिकित्साधीक्षक का आर्डर लाए डा. रामअवतार गौतम को अभी बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिल पाई है।
उनका कहना है कि कार्यवाहक चिकित्साधीक्षक ने कक्ष में ताला जड़ दिया है जबकि कार्यवाहक चिकित्साधीक्षक का कहना है कि उनको सीएमओ कार्यालय से आधिकारिक रूप से कोई पत्र नहीं मिला था। हालांकि देर शाम उन्होंने सीएमओ का पत्र मिलने की बात स्वीकार की। अब उनका कहना था कि, वे एसीएमओ का चार्ज सौंपेंगे।
सीएचसी के सुपरिटेंडेंट की कुर्सी काफी अरसे से विवादों में चली आ रही है। डा. रामअवतार गौतम को तीसरी बार चिकित्साधीक्षक का पदभार सौंपा गया है। अभी तक डा. अमोल कार्यवाहक चिकित्साधीक्षक थे। पूर्व में भी डा. गौतम के सुपरिटेंडेंट पद पर रहते हुए चिकित्सकों-कर्मचारियों में विवाद सुर्खियों में रहा था। विवाद के चलते ही उनका दो बार यहां से ट्रांसफर किया गया था। डा. रामअवतार गौतम का आरोप है कि शनिवार को वह चार्ज लेने के लिए पहुंचे तो डा. अमोल ने कक्ष में ताला लगा दिया और उनको सीट पर नहीं बैठने दिया।
इस संबंध में डा. अमोल का कहना है कि उनके पास इस संबंध में उनको कोई भी आधिकारिक पत्र नहीं मिला था। इसीलिए उन्होंने कक्ष को बंद कर दिया था। उनका कहना है कि सोमवार देर शाम उनको सीएमओ कार्यालय से इस संबंध में पत्र मिल गया है। वो एसीएमओ डा. श्रीकांत शर्मा को चार्ज सौंपेंगे।
ये था मामला
कर्मचारियों से विवाद के बाद एडी हेल्थ ज्ञान सिंह ने डॉ. राम अवतार का तबादला उप जिला कुष्ठ अधिकारी के पद पर कर दिया था। तब से सीएचसी धनौरा की जिम्मेदारी प्रभारी चिकित्साधीक्षक के तौर पर डा.अमोल कुमार के ऊपर थी, लेकिन अब एडी ने उनका स्थानांतरण फिर सीएचसी चिकित्साधीक्षक के पद पर कर दिया है, लेकिन प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारी एसीएमओ डा.श्रीकांत शर्मा को दे दिए हैं। हालांकि इस कार्रवाई से सीएचसी धनौरा के स्टाफ में रोष है।
ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह की शिकायत है तो इसको निस्तारित किया जाएगा।-डॉ. एसके जैन, सीएमओ