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किताब फैक्टरी का दूसरा गेट किया सील, निगरानी का जिम्मा अमरोहा पुलिस को

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गजरौला (अमरोहा) में मेरठ के भाजपा नेता संजीव गुप्ता और उनके भतीजे सचिन गुप्ता की पुस्तकें छापने व? - फोटो : GAJRAULA
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गजरौला (अमरोहा)। मेरठ के भाजपा नेता संजीव कुमार गुप्ता और उसके भतीजे सचिन गुप्ता की यहां स्थित एनसीईआरटी की नकली पुस्तकें छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस (फैक्टरी) के दूसरे गेट पर भी सील लगाकर मेरठ पुलिस पांचवें दिन यहां से चली गई। अब इस परिसर की निगरानी का जिम्मा जनपद अमरोहा की गजरौला थाना पुलिस के पाले में आ गया है। वहां दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जो कि शिफ्टवार रात-दिन वहीं तैनात रहेंगे।
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बुधवार की तड़के मेरठ पुलिस यहां हाईवे किनारे औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट संख्या एच 6 में स्थित नकली पुस्तकें छापने वाली सचिन गुप्ता की फैक्टरी के दूसरे गेट पर भी सील लगाकर और परिसर की सुरक्षा का जिम्मा गजरौला पुलिस को सौंपकर यहां से रवाना हो गई। अब परिसर के दोनों गेटों पर सील लगी हुई है और गजरौला पुलिस यहां मुस्तैद है। एसएसआई प्रमोद कुमार पाठक ने बताया कि अग्रिम आदेश तक स्थानीय पुलिस ही वहां की निगरानी करेगी। बता दें कि 21 अगस्त की रात एक बजे मेरठ की एसटीएफ ने यहां इस फैक्टरी में छापा मारकर करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी की छपी-अधछपी नकली पुस्तकें बरामद की थीं। हालांकि छापे की भनक लगते ही यहां मौजूद लोग परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर निकालकर फरार हो गए थे। 22 अगस्त की रात को मेरठ से एनसीईआरटी की टीम ने यहां का दौरा किया था। 24 अगस्त को मेरठ पुलिस ने फैक्टरी का मेनगेट सील कर दिया था। यह फैक्टरी मेरठ के भाजपा नेता संजीव कुमार गुप्ता और उसके भतीजे सचिन गुप्ता की है।
करोड़ों का कारोबार, नहीं हैं आग बुझाने के उपकरण
गजरौला। मेरठ के भाजपा नेता संजीव कुमार गुप्ता और सचिन गुप्ता की यहां स्थित नकली पुस्तकें छापने की प्रिंटिंग प्रेस (फैक्टरी) पिछले तीन वर्षों से चल रही थी। काफी बड़े क्षेत्रफल में स्थित इस फैक्टरी में कई अत्याधुनिक मशीनें लगी हुई हैं और ब्लैंक कागज के रोल के कई ट्रक बंडल भी मौजूद हैं। इसके बावजूद यहां आग बुझाने के लिए कोई संसाधन मौजूद नहीं था। सीएफओ के वर्मा ने बताया कि दमकलकर्मी कभी कभार औद्योगिक क्षेत्र में निरीक्षण को जाया करते हैं। इस फैक्टरी के गेट पर कोई चहलपहल न होने और गेट बंद ही रहने के कारण उन्हें जरा भी संदेह नहीं हुआ कि यहां इतना बड़ा गोरखधंधा चल रहा है।
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