नौगावां सादात तहसील को लेकर अरसे से लग रही अटकलों को शासन ने विराम लगा दिया है। नौगावां सादात को तहसील बनाए जाने को लेकर राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश ने सोमवार को तहसील का प्रारंभिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
नई तहसील में जिले के 164 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। इसमें अमरोहा तहसील के 138 और धनौरा तहसील के 26 राजस्व गांव शामिल हैं। जिन गांवों को नौगावां सादात तहसील में शामिल किया गया है। अब उन पर पंद्रह दिन के अंदर आपत्तियां मांगी गईं हैं। कोई भी जन सामान्य आपत्ति लिखित रूप में सचिव, राजस्व परिषद के यहां निर्धारित अवधि से पूर्व ही दर्ज करा सकेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नौगावां सादात को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की थी, तभी से लेकर नौगावां को तहसील बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इससे पहले एक बार तहसील का प्रस्ताव राजस्व परिषद में रिजेक्ट भी हो चुका है, फिर नए सिरे से प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा था।
बाद में चौदह अप्रैल को एक निजी कार्यक्रम में आने के दौरान तहसील भवन का मुख्यमंत्री की ओर से शिलान्यास किया जाना था। लेकिन तहसील का नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण शिलान्यास टल गया था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जल्द ही नौगावां सादात तहसील का नोटिफिकेशन जारी कराने का आश्वासन दिया था, तभी से तहसील भवन के निर्माण को लेकर क्षेत्र में राजनीति गरमाई हुई थी।
तहसील भवन के लिए सियासत
इधर, कई दिनों से तहसील भवन को लेकर जिले में सियासत तेज है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। मौलाना जावेद आब्दी शहर के अंदर तहसील भवन का निर्माण कराना चाहते हैं। इसके लिए बिजलीघर के आसपास जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। वहीं नौगावां सादात विधायक अशफाक अली खां आबादी से बाहर तहसील भवन का निर्माण कराने की वकालत कर रहे हैं।
मौलाना जावेद आब्दी और सपा विधायक अशफाक अली के बीच तनातनी बनी हुई है। इनके पक्ष-विपक्ष में भी सपा के तमाम नेता उतरे हुए हैं। रोजाना धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं, पिछले दिन तो एक व्यक्ति की गिरफ्तारी को लेकर थाने का घेराव तक किया गया। नगर की फिजा बिगड़ने से फोर्स को रूट मार्च तक करना पड़ा।