अमरोहा। नानी के घर आई मुरादाबाद निवासी बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपी गजेंद्र को मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाकर जेल भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को कुंदरकी भूड़ के लोगों ने एसपी ऑफिस प्रदर्शन कर मुठभेड़ पर सवाल उठाए। कहा कि पुलिस ने मुठभेड़ फर्जी दिखाई है। गजेंद्र को बाइक चलानी ही नहीं आती है। दुष्कर्म के आरोप में गजेंद्र को पुलिस ने फंसाया है। इसकी जांच होनी चाहिए।
आरोपित की पत्नी ने बताया कि पति दूसरे गांव की चक्की पर आटा खरीदने गए थे। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी फोटो आया। इसी को आधार मानते हुए पुलिस उनको आरोपी मान लिया है। पैर में गोली और बिना नंबर प्लेट बाइक व तमंचा और दो जिंदा कारतूस मुठभेड़ में दिखाए। जो पूरी तरह झूठी है। पति के पास बाइक व साइकिल नहीं हैं। बाइक चलाना भी नहीं जानते हैं। पुलिसवाले घर से उनको लेकर गए थे और फर्जी मुठभेड़ दिखा दी। उन्होंने पति को बेकसूर बताया है।
आरोप लगाया कि 12 जनवरी को गांव के लोगों ने झूठा फंसाने की जानकारी होने पर भाकियू भीमराव आंबेडकर के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर ज्ञापन दिया था, लेकिन गजेंद्र सिंह के निर्दोष होने की बात को दबाने के लिए किसान नेता दिग्विजय भाटी और गांव के पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म पीड़िता की मां की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई, जिससे कोई गजेंद्र सिंह की पैरवरी नहीं कर सके। इसके बाद से लोग डरे हुए हैं और कुछ कहने को तैयार नहीं है।
देवेंद्र सिंह की पत्नी विमला देवी का आरोप है कि सीसीटीवी कैमरे के द्वारा पुलिस गजेंद्र को दोषी ठहरा सकती है तो पीड़िता की मां को धमकी देने के मामले की भी सीसीटीवी फुटेज चेक कराई जानी चाहिए। मांग करते हुए कहा कि गजेंद्र सिंह के मोबाइल की लोकेशन तड़के चार से आठ बजे तक और मुठभेड़ में शामिल पुलिस कर्मियों के मोबाइल की लोकेशन सात जनवरी की सुबह चार बजे तक जांच कराई जाए। जिसे सच्चाई उजागर हो सके।