शौकत पाशा की हत्या की सूचना मिलते ही जहां परिवार में कोहराम मच गया, वहीं तरह-तरह की चर्चाएं लोगों की जुबां पर रहीं। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट कहा कि प्री प्लानिंग उनका मर्डर किया गया है। लफड़ा बताकर उनको फोन किया गया था। घर से संभल जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पुलिस पर भी हमसाज होने का आरोप मढ़ा है।
पाशा का तुर्क बिरादरी में अपना अलग रूतबा था। क्षेत्र के गरीब लोग उसको पसंद करते थे। रहनुमा की तरह बनकर काम कर रहा था। जब उसकी हत्या की खबर ग्रामीणों को मिली तो खलबली मच गई थी। परिवार के लोग रोने बिलखने लगे, जबकि आस पास के लोगों का जमावड़ा लग गया। मृतक के पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे व तीन बेटियां हैं।
सबसे बड़ा बेटा मोहम्मद गजनबी है। उसने बातचीत में बताया कि मेरे अब्बू का मर्डर प्री प्लानिंग से किया गया है। पापा शाम चार बजे संभल जाने की बात कह कर घर से निकले थे। बाहर ही उनके मोबाइल पर एक कॉल आई थी, जिसमें पेट्रोल पंप पर पैसों को लेकर लफड़ा होना बताया गया था।
एक बार अब्बू ने टालने की बात कही थी, मगर फोन पर कोई ऐसा करीबी था जिसको वह मना नहीं कर पाए। घर से संभल जाने की बात कहकर चले गए। डींगरपुर पेट्रोल पंप के सामने उनको गोली मारी गईं। पूरा मर्डर प्लानिंग के मुताबिक किया गया है। पुलिस भी वहां दस मिनट में आ गई थी।
आधे घंटे में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घर पर सूचना भी नहीं दी गई। इससे साफ है कि पुलिस भी शामिल रही है। मारने के बाद भी पुलिस ने घर फोन नहीं किया। दूसरे लोगों ने ही कॉल कर बताया।