नौगावां सादात थाना क्षेेेत्र के दाऊद सराय में हुई पंचायत में वेगनाथ की पत्नी को गांव में न घुसने देने का फरमान सुनाया है। महिला वेगनाथ की दूसरी पत्नी थी। पंचायत ने माना कि वेगनाथ की मासूम संतान की हत्या महिला के कारण ही हुई।
जिसे महिला के पहले पति से हुए बेटे ने मां को भगाने का बदला लेने के लिए मौत के घाट उतार दिया था। दूसरे को मरणासन्न हालात में पहुंचा दिया। अगर वेगनाथ की पत्नी गांव में रहेगी, तो उसका जेल गया बेटा शेर सिंह सौतेले भाइयों पर दोबारा हमला कर सकता है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के दाऊद सराय गांव निवासी राज मिस्त्री वेगनाथ अपनी पूर्व पत्नी बसंती की मौत के बाद शहर के मोहम्मदी सराय की कमलेश को पत्नी बनाकर रखने लगा। वेगनाथ की कमलेश से शहर में काम करते समय जान पहचान हुई थी। वह कमलेश को भगा कर ले गया था। मां को भगा कर ले जाने से कमलेश के पहले पति से पैदा हुआ बेटा शेर सिंह बदले की आग में झुलस रहा था।
उसने वेगनाथ से बदला लेने के लिए उसके बेटे वेद प्रकाश को गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया, जबकि विकास उर्फ गुड्डू को चाकुओं से घायल कर मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया। वह 19 फरवरी की सुबह जंगल में तड़पते मिला था, जबकि 20 फरवरी की सुबह वेद प्रकाश की गेहूं के खेत में रक्त रंजित लाश मिली थी। सौतेले भाई शेर सिंह की ओर से वेद प्रकाश को मौत के घाट उतारे जाने व विकास को मौत के करीब तक पहुंचाने से गांव के लोग अभी भी सहमे हुए हैं।
करीब दो महीने बाद भी उस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को नहीं भूले हैं। वेगनाथ के जिंदा बचे बेटे रूपचंद्र व विकास उर्फ गुड्डू की जिंदगी के लिए फिक्रमंद ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत में वेगनाथ की पत्नी कमलेश को वेद प्रकाश की हत्या व विकास को मौत के करीब तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार माना गया है।
शेर सिंह जेल से आने के बाद कहीं दोबारा वेगनाथ के बच्चों को अपना निशाना न बना दे, ग्रामीणों को यह डर है। इसी आशंका के चलते गांव में हुई पंचायत में कमलेश को गांव में नहीं घुसने देने का निर्णय लिया गया है।