विश्व संस्कृति में अपने योगदान के लिए जानी जाने वाली भारत की गंगा और रूस की वोल्गा आपस में जुड़ेंगी। इसे जोड़ेगा गंगा तीरे स्थित यूपी का शहर अमरोहा। खाड़ी के देशों, यूरोप और दक्षिण एशिया के कई मुल्कों के लोगों का दिल जीत चुका अमरोहा का आम अब रूसियों को लुभाने के मिशन पर निकलने वाला है।
इसके लिए सूबे की सरकार ने आम के एक्सपोर्टरों को रसिया भेजने का फैसला लिया है। मंडी परिषद के डायरेक्टर को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द ही एकप्रतिनिधि मंडल वहां जाएगा। अगर रसियन को यहां के आम भाए तो वहां भी निर्यात का रास्ता खुल जाएगा।
खाड़ी देशों और यूरोप में प्रदेश भर से आम एक्सपोर्ट किया जाता है। मलीहाबाद, सहारनपुर और अमरोहा के आमों ने विदेशों में अपनी अलग पहचान बनाई है। अमरोहा के बागबान आम की 450 किस्में उगाते हैं। सबकी अपनी क्वालिटी है। किसी में मिठास ज्यादा होती है तो किसी में गूदा तो किसी में रस।
किसी आम में फाइबर ज्यादा होता है। कोई अपने रंग की वजह से लुभाता है तो कोई गुण की वजह से। दूर-दूर तक यहां के आम धूम मचा चुके हैं। विदेशियों को भी अपना दीवाना बना चुके हैं। अभी तक रसिया में किसी आम का सूबे से निर्यात नहीं होता था।
अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी के आम का स्वाद रसिया के लोगों को चखाने का फैसला किया है। उनकी ओर से मंडी परिषद के डायरेक्टर अनूप यादव को रसिया में यूपी के आमों का प्रमोशन कराने के आदेश दिए हैं। डायरेक्टर ने उत्तर प्रदेश मैगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष को अवगत कराया है।
आम एक्सपोर्ट करने वाले लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल रसिया भेजा जाएगा। जहां आमों का प्रमोशन होगा। यदि रसिया के बाशिंदों का आमों ने दिल जीता और डिमांड मिली तो वहां भी निर्यात का रास्ता खुल जाएगा।
मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश के आम का रसिया में प्रमोशन करने के बारे में डायरेक्टर मंडी परिषद ने बताया है, जिसके लिए वीजा बनवाया जाएगा। इसका कुछ खर्च सरकार तो कुछ एक्सपोर्टर उठाएंगे। इसके बनते ही पांच एक्सपोर्टरों का प्रतिनिधिमंडल रसिया जाएगा। इससे संबंधित प्रक्रिया चल रही है।
-नदीम सिद्दीकी, उ.प्र. मैगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष लखनऊ