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Amroha News: मां बोली- चार माह से स्कूल नहीं जा रहे बच्चे

Fri, 20 Dec 2024 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। चार माह पहले हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज लाने पर नाम काटने का प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दरअसल, उस दौरान प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने नाम काटने के बाद तीन बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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ऐसे में परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। जिस पर अब हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। उधर, पीड़ित बच्चों की मां कहना है कि चार माह से उनके बच्चे स्कूल नहीं गए हैं और घर पर ही बैठे हैं। वह प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के शोषण का शिकार हुई हैं।
पांच सितंबर को जोया रोड स्थित हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में छात्र के टिफिन में नॉनवेज मिलने पर नाम काटने का मामला सामने आया था। मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें प्रधानाचार्य और छात्र की मां के बीच जमकर नोकझोंक होते दिख रही थी। छात्र की मां ने बेटे को बंधक बनाने और उसकी पिटाई करने का आरोप लगाया था। साथ ही बेटे का नाम भी काटने का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले में जमकर तूल पकड़ा था। स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य को छुट्टी पर भेज दिया था, तो डीआईओएस स्तर से जांच कमेटी बनाई गई थी। कई दिनों तक मामला गरमाया रहा था। ऐसे में प्रशासन की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधन और छात्र की परिजनों के बीच वार्ता हुई थी। जिसमे में मां ने स्कूल में पढ़ने वाले तीनों को बच्चों को दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कराने की मांग उठाई थी। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने इस पर सहमति दे दी थी।
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लेकिन, बच्चों की पढ़ाई को लेकर न तो प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने। बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला नहीं दिलाया गया। ऐसे में मां की ओर प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को दो सप्ताह के भीतर सीबीएसई से संबद्ध किसी दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में पीड़ित बच्चाें की मां ने बताया कि समझौते के नाम पर उन्हें छला गया। चार माह से किसी ने भी उनकी नहीं सुनी। ऐसे में उनके बच्चों की पढ़ाई रुक गई है और वह घर पर बैठने को मजबूर हैं। इस अनदेखी के चलते ही उन्होंने हाईकोर्ट का सहारा लिया। बताया कि उनका बड़ा बेटा कक्षा छह, बीच वाला बेटा कक्षा तीन व छोटा बेटा कक्षा एक में पढ़ाई कर रहा था। कक्षा तीन में पढ़ने वाले बेटे के साथ यह प्रकरण हुआ था।
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