ऑपरेशन से निजी अस्पताल में बेटी को जन्म देने के बाद जच्चा की हालत बिगड़ गई। उसे मेरठ ले जाया गया जहां पर उसकी मौत हो गई। गांव पहुंचे मायके वालों ने जहर देकर हत्या का आरोप लगाया।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के ड्यौढ़ी वाजिदपुर गांव निवासी प्रिया की शादी बीते दस अप्रैल को गजरौला थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ा निवासी नरविंद्र के साथ की गई। नरविंद्र पीएसी में सिपाही है और गाजियाबाद में उसकी तैनाती है। प्रिया गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा के चलते उसे सात मार्च को गजरौला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। जिस पर चिकित्सक ने उसे बाहर ले जाने की सलाह दी। परिजन मेरठ ले गए। जहां पर शनिवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। देर शाम उसका शव खाईखेड़ा गांव में लाया गया। उसकी मौत की खबर सुन मायके वाले भी आ गए। उन्होंने महिला के ससुराल वालों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया। हंगामा कर दिया। जिसकी सूचना पाकर पुलिस खाईखेड़ा पहुंची। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।पुलिस का कहना है कि मायके वाले महिला के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। जिससे उसकी मौत हो गई। चूंकि शादी को एक साल भी नहीं हुआ है। महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने हंगामा किया। उनको काफी समझाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह शर्त रखी कि महिला की बेटी के नाम जमीन की जाए। इसके अलावा 25 लाख रुपये भी जमा करने को कहा। इस पर ससुराल वाले सहमत नहीं हुए। बाद में पुलिस ने भी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।