अमरोहा। आयरन की कमी और पोषणयुक्त आहार न मिलने की वजह से जिले में महिलाएं व किशोरियां खून की कमी से जूझ रही हैं। पिछले दिनों हुई जांच में 4216 गर्भवती और 3411 किशोरियों में खून की कमी पाई गई है। इनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा सात ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी कम मिली है। अब इनको चिह्नित कर नियमित उपचार कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में महिलाएं शुगर पीड़ित और किशोरियों में बीपी की शिकायत भी मिली है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक स्वस्थ किशोरी के शरीर में 11 से 14 ग्राम हीमोग्लोबिन होना आवश्यक है, जिसके लिए संतुलित पोषण और आयरन की आवश्यकता होती है। लेकिन कई परिवारों में आर्थिक तंगी के कारण किशोरियों को उचित आहार नहीं मिल पाता, जिससे वे एनीमिया का शिकार हो रही हैं।
यह वजह है कि पिछले दिनों 35251 की जांच में 3 411 किशोरियों में खून की कमी पाई गई है। जबकि 4216 गर्भवतियों में खून की कमी मिली है। एसएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित मिलीं महिलाएं एवं किशोरियों को नियमित उपचार की सलाह के साथ जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना खून की कमी के मरीज आते हैं, जिनको दवाईं दी जाती है। उचित खानपान से खून की कमी दूर हो सकती है।
एनीमिया एक सामान्य चिकित्सीय स्थिति है, इसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) की संख्या में कमी या रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी देखी जाती है। हीमोग्लोबिन आरबीसी में मौजूद एक प्रोटीन है, जो फेफड़ों से पूरे शरीर में विभिन्न ऊतकों और अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। एनीमिया के कारण रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे शरीर का समग्र स्वास्थ्य और कामकाज प्रभावित होता है।