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Amroha News: जमना खास में 36 घंटे में छह ग्रामीणों पर बंदरों का हमला, दो की हालत गंभीर

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नौगावां सादात। क्षेत्र के जमना खास गांव में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 36 घंटे में बंदरों के झुंड ने छह ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर दिया। घायलों को एंटी-रेबीज का टीका लगवाने के साथ घावों पर पट्टी करानी पड़ी। दो की हालत गंभीर बताई गई है। एक सप्ताह में दूसरी बार बंदरों के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।
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रविवार सुबह रजनीश त्यागी की पत्नी नीतू घर में झाड़ू लगा रही थीं, तभी बंदरों का झुंड घर में घुस आया और उन्हें काट लिया। मयंक त्यागी छत पर बिजली के तार ठीक कर रहे थे, तभी बंदरों ने हमला कर दिया। शाम को खेत से चारा लेकर लौट रहे अजय त्यागी को स्कूल के पास बंदरों ने घेरकर हाथ-पैर में काट लिया। सोमवार तड़के करीब छह बजे घर में सो रहे मुकेश त्यागी, हितेश त्यागी, रोहिताश कुमार और कल्लू सिंह पर भी बंदरों ने हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से बंदरों को भगाया।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक महीने से बंदरों का झुंड गांव में घूम रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। 29 सितंबर को भी घर के आंगन में सो रहे संजीव शर्मा, हितेश त्यागी, गौरव त्यागी, मुख त्यागी और अशोक पंडित समेत 12 लोगों को बंदरों ने काटकर घायल किया था। आरोप है कि वन विभाग और प्रशासन से शिकायत के बावजूद बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
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लाल मुंह का बंदर बना दहशत का पर्याय
ग्रामीणों के मुताबिक जमना खास गांव में लाल मुंह का एक बंदर सबसे ज्यादा खतरनाक बना हुआ है। वह जिस ओर जाता है, उसके पीछे बंदरों का पूरा झुंड चल पड़ता है। लोगों पर हमला करने में भी यही बंदर सबसे आगे रहता है। इसके डर से लोग अकेले गलियों और रास्तों से निकलने से बच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। बंदरों का झुंड घरों की छतों और आंगन तक पहुंच जाता है। अचानक हमले के डर से लोग दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को मजबूर हैं।

जमना खास गांव में ग्राम पंचायत के माध्यम से पहले भी बंदरों को पकड़वाने का अभियान चलाया गया था। करीब 18 बंदरों को पकड़कर देहरादून के रेस्क्यू सेंटर में छोड़ा गया था। गांव में बंदरों की संख्या अधिक है, इसलिए दो से तीन बार और अभियान चलाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा।
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- मनीष चौधरी, एसडीएम, नौगावां सादात
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