नौगांवा सादात (अमरोहा)। रविवार की रात सड़क हादसे में जान गंवाने वाले गांव सिहाली निवासी जयवीर और उसकी पत्नी आदेश ने शादी में जाने से पहले बेटी दिव्या (13) और बेटे मोनू (10) से भी शादी में चलने के लिए कहा था, लेकिन दोनों बच्चों ने कहा कि मम्मी-पापा आप जाइए, हम शादी में नहीं जाएंगे। गांव में जब हादसे की खबर पहुंची तो हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी। अच्छा हुआ बच्चे साथ नहीं थे।
जयवीर गाजियाबाद की एक फैक्ट्री में नौकरी करते थे, जबकि उनकी पत्नी आदेश बेटी दिव्या और बेटे मोनू के साथ गांव में ही रहती थी। दोनों भाई-बहन गांव के ही स्कूल में पढ़ते थे। रविवार को ममेरी साली की शादी में शामिल होने के लिए जयवीर गाजियाबाद से घर आए थे। जयवीर और अनीता ने जब बच्चों से शादी में चलने के लिए कहा तो उनके दोनों बच्चों ने शादी में जाने से साफ मना कर दिया। जिसके बाद जयवीर दोनों बच्चों को पैसे देकर घर छोड़ गए थे। रात में वहां से घर लौटते समय कांठ रोड पर हादसे में दोनों की जान चल गई।
परिवार में पत्नी अनीता के अलावा एक बेटी सोनम और दो बेटे बादल और शिवम है। सोनम की शादी हो चुकी है। एक परिवार में तीन मौतों से पूरे गांव में हर एक की आंख नम हो गई। देर शाम जयवीर, आदेश और प्रमोद का तिगरी में गंगा तट पर एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जयवीर और प्रमोद के बच्चों की परवरिश अब बड़ा सवाल बन गया है।