अमरोहा। मोहर्रम पर माहौल बिगड़ने की सुगबुगाहट होते ही पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पहले पिता-पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की। इसमें कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। वहीं पुलिस माहौल बिगाड़ने की कोशिश में चौबीस लोगों मुचलका पाबंद किया है। पुलिस को इन चौबीस आरोपियों से माहौल खराब होने की अंदेशा है। पुलिस ने सभी को 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया है। अगर शहर का अमन-चैन को पलीता लगाने की कोशिश होती है तो इन आरोपियों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर मुचलका धनराशि वसूली जाएगी।
कोरोना महामारी के चलते जिले में सामूहिक और धार्मिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। बावजूद इसके पिता-पुत्र सहित कुुछ लोगों ने जुलूस की आड़ लेकर व्हाट्सएप के विभिन्न ग्रुप पर भड़काऊ पोस्ट शेयर कर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की है। लोगों को डराने-धमकाने के साथ धार्मिक भावनाओं को उकसाने वाली भड़काऊ पोस्ट व्हाट्सएप ग्रुप में डालीं। जिसमें लोगों को मोहर्रम के जुलूस निकालने के लिए जमा होने का संदेश दिया गया। इस मामले में पुलिस ने असगरी रजा और उसके बेटे दिलनवाज निवासी मोहल्ला सट्टी, शाहिद निवासी मोहल्ला जाफरी और फैजी अब्बास निवासी पचदरा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने जांच पड़ताल में चौबीस लोगों के नाम उजागर हुए है। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने सभी चौबीस लोगों से माहौल बिगड़ने का अंदेशा जताते हुए एसडीएम कोर्ट रिपोर्ट भेजी। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5-5 लाख रुपये के लिए मुचलका पाबंद किया है।
यह लोग हुए मुचलका पाबंद
अमरोहा। इंस्पेक्टर रविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों का शिया अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से पक्षों में तनाव है। किसी भी समय शांतिभंग होने का अंदेशा है। इसलिए सैयद असकरी रजा, अली हसनैन, मोहम्मद हसनैन, दिलनवाज, शाहनवाज, रजा सिब्तैन, शहजाद रजा, हसन नवाज, वसीम, आले हसनैन, मोहम्मद अली, ताबिश अली, सईद अकदस, सानमिया, मोहम्मद कामिल, लाडले, फैजी अब्बास, मुराद अली, मोमिन, मोहम्मद, शहीद, इक्तेदार, सईद अख्तर और रजा अब्बास सहित चौबीस लोगों को मुचलका पाबंद किया गया है।