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मातमी जुलूस आज, कर्बला के मंजर को दिलाएंगे याद

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अमरोहा में मोहर्रम के चलते मजलिस के खिताब करते मौलाना। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मातमी जुलूस तीन सितंबर को निकलेगा, जो शहर के सबसे बुलंद इमामबाड़ा वलिया मोहल्ला पचदरा से नौ बजे बरामद होगा। हुसैनी बाजे की धुन जेहन और दिल में कर्बला के मंजर को ताजा करके रोंगटे खड़े कर देती है। यह शहर में 17 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। मातमी जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी शामिल रहेंगे। मातमी जुलूस शहर के दूसरे इमामबाड़ों को सलामी देता हुआ मुकम्मल होगा।
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शहर में तीन मोहर्रम को निकलने वाला पहला जुलूस मौहल्ला पचदरा से बरामद होकर जुलूस 17 किलोमीटर की गश्त करेगा। इमामबाड़ा पचदरा के पीछे हजरत शाह विलायत रह. का कयाम भी रहा था। इसीलिए पहला जुलूस पचदरा से बरामद होता है। अजादारी के जुलूसों का सिलसिला 10 मोहर्रम तक चलेगा। अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी के जनरल सेक्रेटरी जिया एजाज ने बताया कि गमे हुसैन में वली अहमद उर्फ वली मोहम्मद खां ने अजाखाने की बुनियाद रखी थी। यहां की अजादारी का तरीका दुनिया भर में होने वाली मातमदारी और अलमदारी से अलग है। जुलूसों की अराइश को अपने कंधों पर उठाकर चलने के लिए खुसूसी कहारों का इंतजाम किया गया है, जो पूरी अकीदत से अंजाम देंगे।
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