अमरोहा। लंबे समय से जिले में आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनाने की कवायद चल रही है। इसको लेकर शासन से स्वीकृति भी मिल गई है। बावजूद इसके आधुनिक ड्राइविंग सेंटर टेस्टिंग सेंटर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यही वजह है कि एआरटीओ कार्यालय में मैनुअल तरीके से ड्राइविंग टेस्ट को लेकर खानापूरी की जा रही है। इस टेस्ट में उन लोगों को भी पास कर दिया जाता है जिन्हें वाहन चलाना ठीक से नहीं आता।
परिवहन विभाग के कार्यालय में चालकों का लाइसेंस मैनुअल तरीके से गाड़ी चलवाकर जारी किया जाता है। अब परिवहन मुख्यालय ने जिले में आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। सेंटर खोलने के लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे, जिसके आधार पर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी गुलड़िया रोड पर सेंटर के लिए ढाई एकड़ जमीन चिह्नित कर चुके हैं।
इसकी संस्तुति करके शासन को भेजी गई थी, करीब एक साल पहले उसे मंजूरी मिल गई है। लेकिन, आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो नहीं हो सका है। एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि बताया कि आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाता है। यहां, ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए ट्रैक होते हैं, जहां वाहन चलाने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। आवेदक को सिम्युलेटर की परीक्षा से भी गुजरना होग। सिम्युलेटर और कैमरों की रिकॉर्डिंग का अवलोकन करने के बाद ही आवेदक टेस्ट में पास या फेल होगा। इससे ड्राइविंग टेस्ट में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। दावा है कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
ड्राइवर की हर गतिविधि की होगी निगरानी
संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की देखरेख में टेस्ट होगा। वहीं, टेस्ट में पास या फेल करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय उसकी हर गतिविधि की वीडियो रिकॉर्ड होगी। आवेदक को गाड़ी चलाने के साथ यातायात के सभी नियमों की जानकारी होनी चाहिए। यदि वाहन चलाने के साथ उसे प्रत्येक नियम की जानकारी है तो ही वह टेस्ट में पास हो जाएगा। इससे टेस्टिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक जाएगा।
दलालों पर लगेगी रोक
ड्राइविंग टेस्ट में पास कराने के लिए बड़ी संख्या में दलाल संभागीय परिवहन कार्यालय के बाहर बैठे रहते हैं। दलाल बिना टेस्ट लिए ही आवेदक से पास कराने का दावा करते हैं। इसकी एवज में वह मुंह मांगे पैसे मांगते हैं। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के शुरू होने पर कार्यालय के बाहर से दलालों की संख्या कम होगी। आवेदक को एआरटीओ कार्यालय नहीं जाना होगा। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर से ही उसे लाइसेंस मिलेगा।