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मनरेगा फर्जीवाड़ा : शमी की बहन की सास से 8.68 लाख की रिकवरी

Fri, 04 Apr 2025 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा।
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जोया ब्लॉक के गांव पलौला में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना, बहनोई गजनबी व कुछ अन्य परिजनों समेत 18 लोगों को मनरेगा मजदूर दर्शाकर भुगतान लेने के मामले में शबीना की सास गुले आयशा से 8.68 लाख रुपये की रिकवरी की गई है। गुल आयशा पलौला ग्राम की प्रधान हैं। डीएम के निर्देश पर पंचायत के खातों को सीज करा दिया गया है। साथ ही प्रधान को पंचायत राज अधिनियम के तहत अधिकार समाप्त करने का नोटिस भी जारी किया है।
ग्राम पंचायत पलौला में मनरेगा में फर्जीवाड़े की जांच पूरी होने के बाद डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास ग्राम प्रधान गुले आयशा से उनके परिजनों व कुछ अन्य लोगों द्वारा बिना काम किए ली गई मनरेगा मजदूरी को रिकवरी के रूप में वसूलने और उनके वित्तीय अधिकार सीज करने के साथ ही अधिकार समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रधान के परिवार से शमी की बहन शबीना व बहनोई गजनबी के अलावा आठ लोगों समेत बिना काम किए कुल 8.64 लाख रुपये की मजदूरी बिना काम किए हासिल की थी। बृहस्पतिवार को ही ग्राम प्रधान गुले आयशा की और से मनरेगा मजदूरी के रूप में ली गई रकम को रिकवरी के रूप में जमा करा दिया गया।
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- प्रधान गुले आयशा द्वारा रिकवरी जमा कर दी गई है। प्रधान के विरुद्ध आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पंचायत विभाग द्वारा पंचायत पलौला के खातों को सीज कर दिया गया है। साथ ही उनके अधिकार समाप्त करने को 95जी के तहत नोटिस भी जारी किया गया है। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
डीएम की कार्रवाई से ध्वस्त हुई फर्जीवाड़े की चेन
गांव पलौला में क्रिकेटर शमी की बहन शबीना-बहनोई मोहम्मद गजनबी समेत परिवार के आठ और कुल 18 लोगों ने गलत तरीके से मनरेगा की मजदूरी दिलाई गई है। फर्जीवाड़े के इस खेल में मनरेगा प्रक्रिया से जुड़ी हर कड़ी जिम्मेदार निकली। हर स्तर पर जमकर लापरवाही हुई। न तो मौके पर मनरेगा मजदूरों के फोटो ही मिल सके, लेकिन हाजिरी लगा दी गई। इसके बाद भी भुगतान की प्रक्रिया तक हर स्तर से गड़बड़ी की गई। इतना ही नहीं बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल ने अधूरे अभिलेख होने के बाद भी भुगतान करा दिया। डीएम निधि गुप्ता वत्स की कार्रवाई ने मनरेगा की प्रक्रिया से जुड़ी पूरी कड़ियों को ध्वस्त कर दिया है।
संविदा कर्मियों की होगी सेवा समाप्त
मामले में विभागीय कर्मियों पर जहां निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। वहीं संविदा कर्मियों को नोटिस जारी कर सेवा समाप्त की जाएगी। कार्रवाई की जद में आए तत्कालीन रोजगार सेवक झम्मन लाल पहले नौकरी छोड़ चुके हैं। इसके अलावा तकनीकी सहायक अजय निमेष, एपीओ ब्रजभान सिंह व कंप्यूटर ऑपरेटर शराफत को नोटिस जारी किए गए हैं। जिसके बाद उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले में तीन तत्कालीन सचिव पृथ्वी सिंह, हुमा व अंजुम को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही वर्तमान सचिव को भी नोटिस जारी किया गया है।
बीडीओ और लेखाकार पर कार्रवाई को विभागीय अफसरों को लिखा पत्र
मामले में तत्कालीन बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल व लेखाकार विजेंद्र सिंह पर भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद बृहस्पतिवार को बीडीओ पर कार्रवाई के लिए ग्राम्य विकास आयुक्त व लेखाकार पर कार्रवाई के लिए आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग को इनके द्वारा की गई गड़बड़ियों की जानकारी देते हुए कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
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बीडीओ को दी मुकदमा दर्ज कराने की जिम्मेदारी
मामले में प्रधान गुले आयशा व बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल समेत कुल 11 लोग दोषी पाए गए थे। जिसमें डीएम ने वित्तीय तीन तत्कालीन सचिवों पृथ्वी सिंह, हुमा व अंजुम, लेखाकार विजेंद्र सिंह तथा तकनीकी सहायक अजय निमेष, एपीओ ब्रजभान सिंह व कंप्यूटर ऑपरेटर शराफत, रोजगार सेवक झम्मन लाल समेत आठ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। सीडीओ ने प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराने की जिम्मेदारी बीडीओ जोया को दी है।
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