गजरौला (अमरोहा)। जब हम पढ़-लिखकर किसी ऊंचे मुकाम पर पहुंचते हैं तो हमारी जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ जाती हैं। यदि हम खुद मेें सही होंगे तो कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह कहना था एक दिन की थानेदार बनीं छात्रा राधिका कौशिक का।
शुक्रवार को थाने में जनसमस्याएं सुनने के बाद पैदल गश्त और कई स्थानों पर चेकिंग कर थाने लौटीं राधिका शर्मा के सम्मान में सीओ सत्येंद्र सिंह मुख्य कुर्सी को छोड़कर उनकी बगल वाली कुर्सी पर बैठे। सीओ ने राधिका से सवाल दागा कि एक दिन की थानेदारी में उन्होंने पुलिस की क्या गलती महसूस की। बेबाक राधिका ने कहा कि अक्सर कई मामलों में पुलिस गलत भी नहीं होती। मसलन, हेलमेट और मास्क पहनकर हम खुद की सुरक्षा करते हैं लेकिन यदि पुलिस किसी को टोक दे तो सामने वाला इसे प्रेस्टीज इश्यू बना लेता है। सीओ ने कहा कि ऐसे में हम क्या करें? राधिका बोलीं सिर्फ काम। जनता को बदलना संभव नहीं है। उनकी सोच भी नहीं बदली जा सकती है। सीओ ने कहा कि कई बार राजनीतिक दबाव भी होता है। राधिका ने कहा अभी इसी सिचुएशन का सामना चौपला पर करके आ रही हैं। सीओ ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ने शिकायत कर दी तो क्या होगा? राधिका बोलीं-तबादले से अधिक कुछ नहीं होने वाला लेकिन अब सोशल मीडिया का दौर है। यदि कोई पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाए तो उसकी वीडियो बनाकर वायरल करें। इसके लिए मीडिया से भी तालमेल बनाकर चलें। इस दौरान थाने में फरियाद लेकर आई एक युवती की शिकायत सीओ के निर्देश पर राधिका कौशिक ने ही सुनी और उसका निस्तारण भी किया।