कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए डीएम ने बृहस्पतिवार को मिशन-45 शुरू करने के निर्देश दिए है। हालांकि, डीएम ने पहले मिशन-30 अभियान भी चलाया था। जिसके तहत तीन अधिकारियों को कुपोषण दूर करने के लिए तीस गांवों की जिम्मेदारी दी गई थी। जिसमें अधिकांश बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ गए।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक डीएम ने कहा कि कोई भी बच्चा कुपोषित न हो, इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। डीएम ने कहा कि परिवारों की काउंसलिंग करें। माता-पिता को स्वस्थ पोषण के सेवन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मिशन 30 में बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण की श्रेणी से बाहर होकर स्वस्थ हुए हैं। कहा कि अब मिशन-45 शुरू किया जाएगा।
इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने कहा कि जो आगनबाड़ी केंद्र और लर्निंग लैब निर्माणाधीन हैं, उसको प्राथमिकता के साथ अधूरे कार्यों को पूरा कराएं। अधिक से अधिक बच्चे आगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययन के लिए आएं इसके लिए सभी सीडीपीओ को अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा, डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी, सीडीपीओ संजीव कुमार व सोहनवीर त्यागी आदि शामिल रहे।