अमरोहा। पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत मध्य गंगा नहर परियोजना के लिए 133.97 हेक्टेयर भूमि की दरों का अनुमोदन नहीं हो सका है। इसके साथ 436 किलोमीटर लंबी नहर के सापेक्ष फिलहाल 428 किलोमीटर का निर्माण चल रहा है। लुहारी भूड़, टाडा, पीपली दाउद, शेरगढ़, ढक्का, सलारपुर खालसा आदि गांव में चकबंदी चल रही है इसके चलते भूमि की दरें अनुमोदित नहीं हो सकी है। समीक्षा बैठक से चार खंड के अधिशासी अभियंता गैरहाजिर रहे। परियोजना के कार्यों की स्थलीय प्रगति से डीएम रूबरू नहीं हो सके। ऐसे में इन चारों अधिशासी अभियंता से जवाब तलब किया गया है।
जिले में मध्य गंगा नहर परियोजना के तहत काम चल रहा है। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। डीएम उमेश मिश्र के समक्ष अभियंताओं ने विस्तार से जानकारी दी। बताया कि द्वितीय चरण के तहत 428 किलोमीटर नहर के निर्माण कार्य प्रगति में है। प्रस्तावित 436 किलोमीटर नहर के लिए 1092 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है, जिसमें 300 हेक्टेयर भूमि को वर्ष 2011 के पहले खरीदा जा चुका है। अधिशासी अभियंताओं ने बताया कि वर्ष 2017-18 में परियोजना में संशोधन किया गया, जिसमें 792 हेक्टेयर भूमि के सापेक्ष फिलहाल 556.33 हेक्टेयर भूमि की दरों का अनुमोदन कर लिया गया है। उन्होंने विस्तार से बताया कि 440.09927 हेक्टेयर जिले स्तर और 116.1244 हेक्टेयर भूमि को मंडल स्तर से अनुमोदन किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 133.97 हेक्टेयर भूमि की दरों का अनुमोदन बाकी है। किसानों से सहमति के आधार पर संबंधित खंड द्वारा भूमि प्रस्ताव तैयार किया जाता है। इसके बाद अनुमोदन के लिए भेजा जाता है। अब तक 62 प्रस्ताव जिसका रकबा 556.33 हेक्टेयर का अनुमोदन मिल चुका है। इनका अनुमोदन पूर्व प्रस्ताव की तरह किया जाना परियोजना के हित में रहेगा। वहीं लुहारी भूड़, टाडा, पीपली दाउद, शेरगढ़, ढक्का, सलारपुर खालसा आदि गांव में चकबंदी चल रही है। इसके चलते कार्रवाई स्थगित है। एडीएम वित्त और राजस्व विनय कुमार सिंह ने बताया कि चार अधिशासी अभियंताओं से जवाब तलब किया गया है, जो बैठक से गैरहाजिर रहे है।