नौगावां सादात। सोमवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक जैकेट कारखाने में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग की लपटें आसमान तक उठने लगीं। थोड़ी देर में आग में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों में घिरे कारोबारी ने किसी तरह दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। आग की लपटें देखकर लोग दहशत में आ गए। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में कारखाने में रखा कच्चा-पक्का जलकर राख हो गया। लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
नौगावां तगा गांव निवासी मोहम्मद आशिक, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद साजिद व मोहम्मद माजिद नौगावां सादात के बिजनौर रोड स्थित कोतवाली के निकट मोहल्ला पनिहारी में किराए के मकान में पिछले लगभग 15 वर्षों से जैकेट निर्माण का कार्य करते हैं। यह इमारत वाजिद हुसैन की है। जिसके नीचे दुकानें बनी हुई हैं जबकि दूसरी मंजिल पर बने हॉल में जैकेट कारखाना चलता है।
सीजन से पहले स्टॉक के लिए कारीगर कारखाने में काम कर रहे हैं तथा कच्चे माल के अलावा कारखाने में बड़ी संख्या में तैयार जैकेट रखी हुई थीं। सोमवार रात करीब 10:30 बजे कारखाने में साजिद अली मौजूद थे, जो वहीं सो रहे थे। अचानक शॉर्ट सर्किट से उठी चिंगारी ने कुछ ही देर में आग का विकराल रूप ले लिया। आग की तपिश और धुएं के कारण साजिद अली की नींद खुली, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह शोर मचाते हुए दूसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में भी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। आग की लपटें देखकर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कारखाने के मालिक आशिक अली भी मौके पर पहुंच गए। वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नौगावां सादात, मंडी धनौरा और अमरोहा से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब चार घंटे तक कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कारखाने में रखा रॉ मटेरियल, सिलाई मशीनें, इनवर्टर, बैटरियां, तैयार जैकेट और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि आग लगने का कारण प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट पाया गया है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। कारखाने में फायर एनओसी और अग्निशमन उपकरण मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
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लोगों ने सूझबूझ दिखाकर दुकानों में रखा सामान सुरक्षित निकाला
जैकेट कारखाने में लगी भीषण आग के दौरान पूरी इमारत लपटों से घिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की भयावह स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने नीचे स्थित दो दुकानों के शटर तोड़कर वहां रखा जैकेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके साथ ही पास में स्थित एक बंद पड़े रेस्टोरेंट का ताला तोड़कर वहां रखे गैस सिलिंडर और अन्य सामान को भी बाहर निकालकर बड़ा हादसा होने से बचाया।