पाकिस्तानी आम को भारतीय आम देगा टक्कर
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मौसम के बिगड़े तेवर ने जिले के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दो दिन से चल रही आंध्ाी ने किसानों को बड़ा झटका दिया है। रविवार रात िफर चली आंधी और बारिश के साथ पड़े ओलों से पेड़ाांे पर लदे आम जमीन पर गिरकर चोटिल हो गए हैं। जिससे बने खाद्य पदार्थ जल्द खराब होने के अवगुण से ये औने-पौने दाम में ही बिक रहे हैं।
इसके अलावा इनका पाल भी नहीं डाला जा सकता। इससे किसानों को भ्ाारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि, इस सीजन में 8 बार आई आंधी से अब तक 60 फीसदी आम वृक्षों से गिर चुके हैं। इसकी वजह से सोमवार को भी हसनपुर मंडी समिति से हजारों क्विंटल आम दिल्ली की आजादपुर मंडी भेजा गया है।
रविवार की रात आई तेज आंधी और इसके बाद ओलों की बरसात होने लगी। आम व्यापारियों का कहना है कि आंधी ने तो पहले ही व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया था लेकिन रविवार की रात ओले पड़ने के कारण आम को भारी क्षति पहुंची है। बताया कि ओला पड़ने से आम गलने लगता है और दस दिन तक गिरता रहता है जिससे भारी नुकसान होने की आशंका है।
बागों में करीब 60 प्रतिशत तक का नुकसान हो चुका है। आम व्यापारी धर्मपाल सिंह चौहान ने बताया कि आम फसल अच्छी होने के कारण इस बार बागों को महंगे दर पर खरीदा था लेकिन आंधी और ओले की मार ने व्यापारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। नुकसान से नौबत यहां तक पहुंच गई है कि बाग मालिकों का बकाया पैसा भी चुकाना भारी पड़ेगा। बताया कि कुछ आम व्यापारियों ने तो आम की फसल के लिए बैंकों से कर्ज तक ले रखा है। जिसका ब्याज लगातार बढ़ रहा है।