गजरौला (अमरोहा)। चैत्रमाह के मंगल पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां ललिता देवी के मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी और मां का आशीर्वाद लिया। नवजात शिशुओं का मुंडन संस्कार भी कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी तैनात रही।
मंगलवार को बस्ती स्थित श्री ललिता देवी मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। मंदिर परिसर में ही मेला भी लगा हुआ था। मंदिर की देखरेख करने वाले पुजारी प्रदीप पंडा ने मंदिर के कपाट खुलने पर मैया की पूजा-अर्चना की। इसके बाद दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने वहां मैया के चरणों में शीश झुकाया और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान मैया से सुख-समृद्धि की कामना की गई। भीड़ को देखते हुए यहां बेरीकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा पुजारजी के परिवार के सदस्य एवं पुलिसकर्मी भी व्यवस्था बनाने में लगे हुए थे। यही वजह रही कि श्रद्धालुओं को कोई तकलीफ नहीं हुई। मंदिर परिसर में विशाल मेला भी लगा हुआ था। यहां चाट-पकौड़ी के साथ ही जलेबी, गन्ने का रस, फल एवं दैनिक उपभोग की वस्तुओं की दुकानें भी लगी हुई थीं। यहां अपने नवजात शिशुओं के साथ आए श्रद्धालुओं ने उनका मुंडन संस्कार भी कराया। मान्यता है कि यहां नि:संतान दंपती संतान सुख की कामना लेकर आते हैं और संतान होने पर उसका मुंडन कराने यहां लेकर आते हैं।
भीड़ में गुम बालक मिला सकुशल
गजरौला। श्री ललिता देवी मंदिर में लगे मेले में बस्ती निवासी अनिल का पांच वर्षीय पुत्र आदित्य बिछड़ गया। बालक को रोता देख वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उसे मंदिर कमेटी के सुपुर्द कर दिया। मंदिर में लगे लाउडस्पीकर से बालक के मंदिर में होने की सूचना ही प्रसारित की गई। बताते हैं कि इसी दौरान अनिल का कोई परिचित आकर बालक को वहां से ले गया। उधर, अनिल वहां आए तो पता चला कि बालक को कोई और ले गया है। इस पर उन्होंने वहीं ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी। कस्बा चौकी इंचार्ज एसआई रजनीश कुमार ने बताया कि बाल सकुशल मिल गया है।