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मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने पहुंची पुलिस, गांव मंे तनाव

Thu, 20 Apr 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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हसनपुर के गांव मछरई में ग्रामीणों को समझाते एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह। - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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कोतवाली क्षेत्र के गांव मछरई में बुधवार को धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर विवाद हो गया। लाउडस्पीकर उतारने गांव पहुंचे पुलिस कर्मियों को ग्रामीणों ने रोक दिया और विरोध करते हुए धार्मिक स्थल के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस से नोकझोंक हुई। एएसपी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को समझाया गया। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गांव तनाव की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस तैनात की गई है।
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क्षेत्र के गांव मछरई में धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर फिर विवाद हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में धार्मिक स्थल पर कई वर्षों से लाउडस्पीकर बजता आया है। लेकिन 27 अप्रैल 2015 को एक विशेष समुदाय के लोगों ने धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया था। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को देखते हुए तत्कालीन सपा सरकार में प्रशासनिक अफसरों ने धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतरवा दिया था। अब सरकार बदलते ही लोगों ने धार्मिकस्थल पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए 14 अप्रैल को एसडीएम से तीन दिन की परमीशन ली थी। लेकिन तीन दिन बाद भी लाउडस्पीकर नहीं उतारा गया।

इसकी शिकायत दूसरे समुदाय के लोगों ने प्रशासन से की। अफसर पिछले दो दिन से ग्रामीणों को हिदायत दे रहे थे कि लाउडस्पीकर स्वयं उतार लें। लेकिन ग्रामीण कतई राजी नहीं है। बुधवार शाम कोतवाली पुलिस लाउडस्पीकर उतरवाने गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने लाउडस्पीकर नहीं उतरने दिया।
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हंगामा करते हुए धार्मिक स्थल गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इस दौरान एएसपी व सीओ से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। बाद में बिना लाउडस्पीकर उतरवाए ही पुलिस अफसर वापस लौट गए। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

कोतवाली निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतरवाया जाएगा। फिलहाल गांव में पुलिस तैनात की गई है। दोनों समुदायों के लोगों से कोतवाली बुलाया गया है। बैठकर वार्ता से मामले का हल निकाला जाएगा। कानून के दायरे में रहकर कार्य किया जाएगा।
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