फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘तीन तलाक रोकने को बनाएं कड़ा कानून, स्थापित हों दारूल इफ्ता’

Thu, 20 Apr 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
`अमरोहा में प्रेस वार्ता करते ऑल इंडिया इमाम फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमैर इलियासी। - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
दरगाह शाह विलायत शाह पर चादरपोशी के लिए बुधवार को शहर पहुंचे आल इंडिया इमाम फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमैर इलियासी ने तीन तलाक के मसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को जमकर घेरा। बोर्ड को तीन तलाक पर कड़ा कानून बनाने के साथ ही हर जिले में दारूल इफ्ता के स्थापना की सलाह ही। कहा कि  तीन तलाक वर्तमान समय में मजाक बनकर रह गया है। सुलह-समझौते की गुंजाइश  एकदम खत्म हो चुकी है।
विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत में इमाम उमैर इलियासी ने कहा कि निश्चित तौर पर देश में तीन तलाक का मिस यूज हो रहा है। लोगों को शरीयत की जानकारी न होेने कारण इसका दुरुपयोग बढ़ा है। महिलाओं के हुकूक को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मर्दों की नासमझी का खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। शरीयत से हटने के कारण ही तीन तलाक जैसे मामलों में इजाफा हो रहा है। इस्लाम में दहेज लेना गुनाह है। यदि हम शरीयत के अनुसार कार्य करें तो तलाक होगा ही नहीं।

सबसे बड़ा सवाल है कि शरई मसलों को लेकर लोग कहां जाएं। कहीं भी रास्ता नहीं मिलने पर लोगों को कोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। शरई मामलों के निस्तारण के लिए हर जिले में दारूल इफ्ता की स्थापना होनी चाहिए। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को इसकी स्थापना कर तलाक के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए। तीन तलाक के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है। एक बार में तीन तलाक बोलकर लोग इसका मजाक बना रहे हैं। तीन तलाक को लेकर शरीयत में जो बात है उसमें इसके सुलझने और समझौते की काफी गुंजाइश है, लेकिन इसका पालन ही नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


वहीं गजरौला में ऑल इंडिया इमाम काउंसलिंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. ईमाम उमेर अहमद इलियासी का बुधवार को एमडीए कालोनी फूल मालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर अदनान अशरफ, शकील सैफी, डा. जकी खान, फैजान कुरैशी, मोहम्मद कामरान कुरैशी, अमरीक सिंह डब्बू सभासद, फैजान अली, जफर अली सैफी, सलीम खान, हाजी इलियास सैफी, आस मोहम्मद सैफी आदि थे।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें